देवरिया। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर नगर स्थित ब्लू हैवेन मून ओयो होटल एक बार फिर सुर्खियों में है। मंगलवार को देवरिया पुलिस की छापेमारी में होटल के अलग-अलग कमरों से सात संदिग्ध जोड़े पकड़े जाने के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने होटल परिसर में खड़ी पांच बाइक और एक कार को जब्त कर ली।
जानकारी के मुताबिक यह होटल कोई नया नहीं है। लंबे समय से होटल में धंधा चल रहा था। जब कार्रवाई होती थी तो होटल का नाम बदल दिया जाता था। इसके साथ ही मालिक बदल जाते थे, लेकिन धंधा चलता रहता था। पहले यह होटल यूपी52 रेस्टोरेंट, फिर शिवांश होटल और अब ब्लू हैवेन मून ओयो के नाम से चल रहा था। बार-बार नाम बदलकर संचालन किए जाने के बावजूद अब तक सख्त कार्रवाई न होना पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देश पर महिला थाना और सुरौली थाना की संयुक्त टीम ने होटल पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान कई कमरों से संदिग्ध जोड़े पकड़े गए थे, जिसकी सूचना तत्काल क्षेत्राधिकारी हरिराम यादव को दी गई। हालांकि मौके पर सीओ के पहुंचने और पकड़े गए जोड़ों को हिरासत में लेकर थाने भेजने में करीब दो घंटे की देरी हुई, जिसे लेकर भी चर्चाएं हैं। छापेमारी के बाद होटल के बगल में स्थित झाड़ियों से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ था। इससे यह संकेत मिलता है कि होटल में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं और उनके सबूत छिपाने के लिए आसपास के इलाकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक होटल का संचालक कन्नौज का रहने वाला बताया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नाम बदलकर यह धंधा चलता रहा।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी हरिराम यादव ने बताया कि विधिक कार्रवाई करते हुए होटल परिसर में खड़ी पांच बाइक और एक कार को जब्त कर लिया गया है। वहीं मिलते-जुलते नाम को लेकर अवरा चौरी स्थित शिवाय होटल के मालिक कृष्णा बरनवाल ने स्पष्ट किया कि मीडिया में उनके होटल का नाम गलत तरीके से शिवांश के रूप में प्रकाशित हुआ है, जबकि उनके फर्म पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और इसे उनके प्रतिष्ठान से न जोड़ा जाए। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।