मजार के पास खड़े पुलिसकर्मी, फोटो संवाद
देवरिया। हजरत शहीद अब्दुल गनी शाह मजार प्रकरण में अब छह मार्च को कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई होगी। एएसडीएम कोर्ट से मुकदमा हारने के बाद मजार पक्ष ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की है।
शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने जुमे की नमाज पढ़ी। इस दौरान जामा मस्जिद के साथ अन्य मस्जिदों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। शहर के गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के बगल में स्थित हजरत शहीद अब्दुल गनी शाह मजार की जमीन को एएसडीएम कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में सरकारी बंजर घोषित कर दिया था। इसके बाद इस पर सरकार का नाम अंकित हो गया। इस मामले में मजार कमेटी ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की है। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
इस दौरान कोर्ट ने अगली तारीख दे दी। मजार कमेटी के अध्यक्ष राशिद खां ने बताया कि कमिश्नर कोर्ट ने छह मार्च को सुनवाई की तिथि तय कर दी है।
मजार में पढ़ी गई जुमे की नमाज : ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुकने के बाद शुक्रवार को पहली जुमे की नमाज मजार में पढ़ी गई। इस दौरान पूरे मजार में नमाजी भरे रहे। इस मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
वहीं शहर के अबूबकर नगर स्थित जामा मस्जिद और मालवीय रोड ईदगाह में भी लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। यहां पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन अन्य मस्जिदों में जुमे की नमाज को लेकर सजग रहा।