संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महाराष्ट्र के अशोक गावंडे की (61) की हत्या के मामले में मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और गार्डों से पूछताछ में कई अहम जानकारी पुलिस के हाथ लगी है।
अब तक की जांच में सामने आए तथ्य से इसका मिलान भी कर लिया है। इसे और प्रमाणित करने के लिए मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और गार्डों के करीब 150 से अधिक मोबाइल नंबर सर्विलांस पर पुलिस ने लगाए हैं। पुलिस वारदात का जल्द पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस कातिलों तक पहुंच गई है, मगर जिस बिंदू पर पुलिस काम कर रही है, उसे गोपनीय रख रही है। उधर, संदेह के घेरे में आए गार्ड पुलिस को पूछताछ में कई दिनों तक घुमाता रहा, मगर बाद मेंं खुद की बातों में उलझ गया और अशोक से अंतिम बार हुई मुलाकात से जुड़ा रहस्य खोल दिया। सफाईकर्मियों के विरोध के बाद पुलिस की जांच में और तेजी आ गई है। मंगलवार को भी स्वाॅट टीम मेडिकल कॉलेज गई थी।
महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक गावंडे इलाज कराने के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में 27 सितंबर को आए थे। सर्जिकल वार्ड से अचानक रात में वह लापता हो गए थे। छह अक्तूबर को उनका शव मेडिकल कॉलेज के पानी की टंकी में मिली थी। अशोक की पत्नी अनीता उर्फ तनु और गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी निवासी साले प्रफुल्ल ने देवरिया मोर्चरी हाउस में शव की पहचान की थी।
साले की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस वारदात में शामिल कातिलों के करीब पहुंच गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से पुलिस बार-बार सहयोग मांग रही है। सफाईकर्मी चार दिन पहले पूछताछ के लिए कोतवाली जाने का विरोध करने लगे, मगर पुलिस विरोध के बावजूद अपनी जांच में कोई नरमी नहीं बरती है।