आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने शहर के सुभाष चौक पर मेनका गांधी का पुतला फूंका।
राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने रविवार को धरना दिया। उनका कहना था कि सरकार के रवैये से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। न तो मानदेय में बढ़ोत्तरी की जा रही है और न ही चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया है। इसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भविष्य अधर में लटका है। इसके साथ ही 16 मई से लखनऊ में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में अधिक संख्या में हिस्सा लेने का आहृवान किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला जलाया।
जिले के विभिन्न जगहों पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जुटान रविवार को विकास भवन परिसर में हुई। कुछ देर में सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद धरना शुरू कर दिया। जिलाध्यक्ष रामस्वरुप यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने में सरकार हीलाहवाली कर रही है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। सपा और भाजपा ने मानदेय बढ़ोत्तरी के संबंध में फैसला नहीं लिया तो आगामी विधानसभा चुनाव में विरोध में मतदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी दल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का ख्याल रखेगा। उनके पक्ष में मतदान किया जाएगा। जिला महामंत्री विमल मिश्र ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है एक तरफ समाजसेेवी कहती है जबकि चुनाव में लड़ने का समय आता है तो सरकारी नौकरी का हवाला दिया जाता है। इसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने को दोराहे पर खड़ा पाते हैं। इस दौरान धरना को नरेंद्र राय, शिवनाथ, सुनील, हरिनारायण, हुस्न तारा, सुनीता यादव, अनीता, पुष्पा, आशा मिश्रा, अंजलि तिवारी, मनोरमा सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।