सिविल लाइन में श्रीमद़भागवत कथा सुनते श्रद्धालु, फोटो: जागरुक पाठक
देवरिया। सिविल लाइंस में जिला पंचायत के सामने चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चरित की कथा सुनाई गई। इसमें भगवान व सुदामा की मित्रता का अतुलनीय बताया गया। कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा का रसपान कराते हुए पंडित जितेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता केवल बाल्यकाल की स्मृति नहीं, यह भक्ति और विनम्रता का शुद्धतम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भक्ति में जब विनम्रता जुड़ जाती है, तब निर्धन भी प्रभु का सबसे प्रिय बन जाता है।
कथा को आगे बढ़ाते हुए पंडित जी ने कहा कि जब सुदामा प्रभु द्वारका पहुंचे और श्रीकृष्ण ने उनके चरण धोए, तो पूरा कथा स्थल करुणा, स्नेह और प्रेम से भर गया। कथा सुन श्रद्धालु जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंजता रहा। अंत में हवन पूजन किया गया।
इसमें भक्तों ने पुष्प, नारियल, धूप एवं दीप अर्पित कर भागवत महापुराण को नमन किया। पंडित जितेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत पूजन केवल ग्रंथ पूजन नहीं, यह अपने हृदय में ईश्वर के वचन को प्रतिष्ठित करने का संकल्प है।
पूरे सभास्थल में घंटा, शंख और मंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा व्याप्त रही। इस अवसर पर वृद्धाश्रम पुरवां से बुजुर्ग कथा सुनने पहुंचे। इस अवसर पर प्रसन्न श्रीवास्तव, आशीष सिन्हा मौजूद रहे।