मईल। मुहर्रम पर इस बार बगही, मईल, नरियांव, पिपरा बांध और पिपरादवन गांव की ताजिया मईल चौराहे पर नहीं आई। सिर्फ बिसौली माफी और सोनबरसा गांव की छोटी ताजिया ही देर शाम मईल चौराहे पर आई। अन्य जगहों की ताजिया अपने चौक पर ही रखी रही। मईल चौराहे पर सात गांव की ताजिया हर वर्ष लाई जाती है। इस बार मेले में शाम छह बजे तक कोई ताजिया नहीं पहुंची। बताया जाता है कि बगही गांव में 22 फुट ऊंची ताजिया बनाई गई है।
इसकी जानकारी होने पर पुलिस प्रशासन ने 12 फुट तक ही ताजिया बनाने की अनुमति की बात कही थी। दो दिन पहले पुलिसकर्मियाें ने ताजियादारों को मानक के अनुरूप ताजिया बनाने को कहा था।
इसके बाद ताजियादारों ने शुक्रवार को तय किया कि अगर बगही का ताजिया नहीं जाएगा तो मईल, नरियाव, पिपराबांध, पिपरादवन आदि गांव के ताजिया चौराहे पर नहीं लाएंगे। मईल एसओ संतोष सिंह ने बताया कि किसी को ताजिया लाने से नहीं रोक नहीं गया था। शासन ने जो मानक तय किया है, उसका पालन कराया जाएगा। ताजियादारों को समझाया जा रहा है।