मईल। स्थानीय गांव की बासमती देवी का शव पोस्टमार्टम से आने के बाद उसके परिजन मंगलवार सुबह केस दर्ज कराने की मांग को लेकर शव को दरवाजे पर रख धरने पर बैठ गए। कार्रवाई नहीं होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर कर दिया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस मान-मनव्वल की, लेकिन बिना केस दर्ज किए अंतिम संस्कार को तैयार नहीं हो रहे थे।
पुलिस की सूचना पर पहुंचे बरहज सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने परिजनों से बात कर समझा- बुझाकर कर केस दर्ज करने का आश्वासन दिया, तब परिजन पांच घंटे बाद अंतिम संस्कार को तैयार हुए। बासमती देवी 65 की सोमवार सुबह संदिग्धावस्था में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की सुबह केस दर्ज कराने को लेकर दरवाजे पर धरना देने लगे। पहुंची पुलिस को मृतक महिला का बेटा रमाशंकर निषाद ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि 11 दिन पहले हमारे ही गांव के अनिरुद्ध उर्फ मुलायम पुत्र रामदयाल यादव अपने घर के पांच लोगों के साथ ट्रैक्टर से मेरे दरवाजे पर आए और लाठी डंडे से मेरे परिजनों पर हमला कर दिया, जिससे हम सभी लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए।
इसी दौरान मेरी मां की ईलाज के दौरान मौत हो गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष दिलीप सिंह ने बताया कि परिजनों के सूचना पर पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया था। मंगलवार की सुबह परिजन केस दर्ज करने को लेकर अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं थे। सीओ बरहज अंशुमन श्रीवास्तव भी आए थे समझा बुझाकर अंतिम संस्कार कराया गया।