संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। फतेहपुर गांव में स्कूल संचालक धनंजय पाल की हत्या में सौतेले बेटे मृत्युंजय का हाथ होने का मामला प्रकाश में आने के बाद उसके घृणित करतूत की निंदा हो रही है। पिता की हत्या का मृत्युंजय के मन में चल रहे खतरनाक प्लान को उसके घर वाले भी समझ नहीं पाए। वारदात का पर्दाफाश होने पर पूरा परिवार अवाक है।
परिवार वाले खून के रिश्ते को कलंकित करने वाले मृत्युंजय पर कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं। उधर, धनंजय की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मृत्युंजय और अमन के बाद तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बता दें कि 27 जून की रात में फतेहपुर गांव में डीडीएम पब्लिक स्कूल के संचालक धनंजय पाल की स्कूल के बरामदे में सोते समय कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई थी।
धनंजय की पत्नी मुराती देवी की पहली शादी धनंजय के बड़े भाई हरिलाल से हुई थी। एक घटना में हरिलाल की मौत के बाद सभी के राय और सहमति से मुराती ने मंझले देवर धनंजय से शादी कर ली। मुराती को हरिलाल से तीन बेटे हैं। फिर धनंजय से शादी होने पर एक बेटी हुई। पुलिस का कहना है कि धनंजय की हत्या सौतेले बेटे मृत्युंजय पाल ने जमीन के बंटवारे को लेकर की।
मृत्युंजय ने अपने सहयोगियों को 50 हजार रुपये पिता की हत्या के लिए सुपारी दी। मृत्युजंय ने अपने साथी कमरुद्दीन उर्फ तालीवान निवासी पटखौली थाना सुरौली, अभिषेक उर्फ भोलू, राहुल निवासी पटखौली थाना सुरौली और अमन के साथ मिलकर जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था।