मनीषा की शादी कराने की तैयारी।
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जनवरी 2013 में अमर उजाला में प्रकाशित एक खबर ने रुद्रपुर चौहट्टा वार्ड के रहने वाले एक जन्मांध पिता और उसकी दो बेटियों की जिंदगी बदल दी। अंधेपन का अभिशाप झेल रहे इस परिवार के तीनों सदस्यों की आंखों को रोशनी मिल गई। खबर पढ़कर देवरिया के समाजसेवी संजय केडिया ने पिता और दोनों बेटियों की आंख का आपरेशन करा कर उन्हें नया जीवन दिया।
मनीषा की आंख की रोशनी लौटने के बाद अब मोहल्ले के लोग उसका हाथ पीला कराने जा रहे हैं। सात जुलाई को रामकेवल के घर बारात आएगी। शादी की तैयारी में पूरा मुहल्ला लगा है। लोगों ने धूमधाम से शादी करने की ठानी है। रामकेवल का परिवार तीन साल पहले अंधेपन के चलते हतासा और निराशा में जीवन जी रहा था। रामकेवल की आंख से दिखाई नहीं दे रहा था। उसकी दो बटियां मनीषा और पिंकी भी अंधेपन का शिकार हो गई। मीना देवी अंधे पति और दो अंधी बेटियों की पहाड़ जैसी जिंदगी को लेकर चिंतित थी। इस दौरान अमर उजाला की एक खबर ने इस परिवार की तकदीर बदल दी। देवरिया के जाने माने व्यवसायी और समाजसेवी संजय केडिया ने खबर पढ़कर रामकेवल और उसकी दोनों बेटियों की आंख का इलाज गोरखपुर के एक निजी आंख अस्पताल में कराई। महीनों जांच के बाद तीनों की आंख का आपरेशन हुआ। आपरेशन के कुछ दिन बाद रोशनी लौट आई। अंधेरे में डूबे परिवार को रोशनी मिलने के बाद उन्हें संसार की सारी खुशियां मिल गई। रामकेवल ने कहा कि मेरी बेटियों के आंख को रोशनी मिलने के बाद उन्हें नई जिंदगी मिली है। बड़ी बेटी मनीषा की शादी को लेकर पूरा मोहल्ला उत्साहित है। नगर पंचायत अध्यक्ष छट्ठे लाल निगम ने कहा कि अमर उजाला की खबर से इन बेटियों की जिंदगी बदल गई है। यदि इनकी आंख ठीक नहीं होती तो शायद इनकी शादी इतनी आसानी से नहीं होती। उन्होंने गरीब की बेटी की शादी में नगर के लोगों से बढ़ चढ़ कर सहयोग करने की अपील की।