देवरिया। बिहार बॉर्डर पर पशु और शराब तस्करों का पता लगाने में विफल रही एसओजी की 12 सदस्यीय टीम को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है।
एसपी ने 12 एसआई समेत 83 पुलिस कर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। हालांकि, इसके पीछे कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने का हवाला दिया गया है। चर्चा है कि पशु तस्करों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं करने की वजह से ही यह कार्रवाई हुई है।
गोरखपुर के पिपराइच कांड के बाद देवरिया जिले में भी पशु तस्करों पर सख्ती शुरू हुई थी। इस बीच बीते दिसंबर में सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के मझौलीराज पुलिस चौकी के समीप बोलेरो सवार पशु तस्करों ने एक बाइक पर सवार दो युवकों को रौंद दिया था। इसमें से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे की एक सप्ताह बाद इलाज के दौरान मौत हुई थी।
मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया था। पशु तस्करों की धरपकड़ के लिए सलेमपुर सीओ की अगुवाई में पुलिस ने छापा मारा था।
तब देवरिया और कुशीनगर के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सीवान जिले में भी तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी। हालांकि, अधिकांश कवायद कागजी ही रही थी। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में पुलिस ने मुठभेड़ में तीन पशु तस्करों को पकड़ने का दावा किया था।
साल की शुरुआत भी पशु तस्करों से ही हुई। भटनी थाना क्षेत्र में तीन पशु तस्करों को पुलिस ने पिकअप समेत पकड़ा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पशु तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए एसओजी को बॉर्डर इलाके में लगाया गया था लेकिन दीपक कुमार की अगुवाई वाली यह टीम खास कमाल नहीं दिखा पा रही थी।