गौरी बाजार। ओमान में मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले करमाजीतपुर निवासी सूरज यादव (20) का शव ओमान की नाैसेना ने भारतीय दूतावास को सौंप दिया है। दूतावास ने शव कीलाइन कंपनी को सौंप दिया है। इसके साथ ही शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक और रिपोर्ट मिलने के बाद शव भारत भेजे जाने की उम्मीद है।
परिजन बेसब्री से शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। परिजन की सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सूरज यादव पुत्र ओमप्रकाश यादव रोजगार के लिए 19 अगस्त को ओमान गए थे। वहां कीलाइन कंपनी में वाइपर के पद पर काम कर रहे थे। 23 सितंबर को वह एमबी केव दाओ नामक वाणिज्यिक जहाज से चालक दल के साथ भारत लौट रहे थे।
जहाज ओमान के पूर्वी तट पर पहुंचा था, तभी मिसाइल हमला हो गया। इसमें सूरज की मौत हो गई। रविवार को परिजन एमबीसी से बातचीत के बाद कंपनी के संपर्क में रहे। कंपनी की ओर से शव भारत भेजने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
पांच दिन बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे, ग्रामीणों में नाराजगी सूरज की मौत के पांचवें दिन भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के गांव नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गौरीबाजार घर पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद कोई अधिकारी या कर्मचारी परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा।
सूरज के पिता ओमप्रकाश और चाचा अवधेश ने कहा कि कम से कम जिलाधिकारी एक बार घर आ जाते तो परिवार को ढाढ़स मिलता। उन्होंने कहा कि गांव का रास्ता नहीं बन सकता तो उनके टोले का रास्ता बेटे सूरज के नाम पर ही बनवा दिया जाता।
ग्रामीण वीरेंद्र यादव, राजनाथ यादव, रमेश यादव और राजेश यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों से गांव पहुंचने की मांग की।