तरकुलवा। देवरिया-कसया मार्ग पर शनिवार शाम को कोन्हवलिया मोड़ के समीप चिकित्सक दंपती से हुई 20 हजार रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि चिकित्सक दंपती ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराने के लिए लूट की झूठी कहानी रची थी। जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जनपद के रामकोला कस्बा निवासी डॉ. अरविंद शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. मीरा शर्मा रामकोला में ही गीतांजलि नाम से नर्सिंग होम चलाते थे। कुछ महीने पहले एक प्रसूता की मौत के बाद पुलिस ने उनके नर्सिंग होम को सील कर दिया था, जिससे परेशान होकर उनकी पत्नी मीरा शर्मा ने अपना पूरा डिग्री का डॉक्यूमेंट जला दिया था।
डिग्री दोबारा बनवाने के लिए रामकोला थाने में उसने गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन वहां की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर वे अपनी कार से शनिवार की सुबह रामकोला से देवरिया के लिए चल दिए। अभी वह थाना क्षेत्र के कोंहवलिया मोड़ के समीप पहुंचे थे कि उन्होंने पुलिस को बदमाशों द्वारा 20 हजार रुपये और कुछ डाक्यूमेंट लूट लेने की फर्जी सूचना दे दी थी। थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले का पर्दाफाश कर दिया गया है। दंपती से कोई लूट नहीं हुई थी। गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए उन्होंने फर्जी सूचना दी थी। माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया। संवाद