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बहू पर केस दर्ज न होने पर पति के शव का दाह संस्कार करने से किया मना

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बहू पर केस दर्ज न होने पर पति के शव का दाह संस्कार करने से किया मना
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देसही देवरिया। महुआडीह थानाक्षेत्र के देवरिया नकछेद गांव में बृहस्पतिवार की देर रात पिटाई से घायल रामेश्वर प्रसाद की मौत के बाद मृतक की पत्नी ने शनिवार को शव को दरवाजे पर रखकर दाह संस्कार करने से मना कर दिया। वह इस वारदात के लिए बहू को जिम्मेदार ठहराकर उस पर केस न दर्ज होने से क्षुब्ध थीं। मृत व्यक्ति परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बहू को बचाने के लिए तहरीर बदलवा दी है।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से मुख्य आरोपित बहू को थाने से ही छोड़ दिया गया है। घटना की जानकारी होने के बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाने लगे। मृतक की पत्नी, बहू पर केस दर्ज करने की जिद पर अड़ी रही।
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महुआडीह थानाक्षेत्र के देवरिया नकछेद गांव में रामेश्वर प्रसाद (50) का शव पोस्टमार्टम के बाद जब घर लाया गया तो परिवार के लोग दरवाजे पर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बार-बार तहरीर बदलवाकर मामले का अल्पीकरण कर दी है। मृतक की पत्नी ने कहा कि बहू पर केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया जाए, तब दाह संस्कार किया जाएगा। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को एसओ विपिन मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने बहू के खिलाफ फिर से तहरीर देने के लिए कहा। पर नाराज लोग मांग करने के लगे कि मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार की जाए, नहीं तो शव लेकर थाने पर पहुंचेंगे। पुलिस पीड़िता उर्मिला देवी को दो घंटे तक मनाती रही।
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उर्मिला देवी अपनी जिद पर अड़ी रहीं। गांव वालों का भी विरोध बढ़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। आनन-फानन में उर्मिला से दूसरी तहरीर ली गई। एसओ आश्वासन देकर वापस चले गए। उधर, पीड़िता का कहना है कि जब तक केस दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं होगी, दाह संस्कार नहीं होगा। एसओ विपिन मलिक ने कहा कि कोई सगा-संबंधी बाहर से आ रहा है, इस लिए परिवार के लोग शव को रोके हैं। शाम तक उसके आते ही दाह संस्कार कर देने की बात कही है।
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