देवरिया। मोबाइल विक्रेता पर गोली चलाने वाले आशीष पांडेय और उसके गैंग के गुर्गे पहले भी कई वारदात में शामिल रहे हैं। निहाल सिंह हत्याकांड को अंजाम देने वाले इस गैंग के शूटर अमन गिरि, बृजेश गोस्वामी और आलोक राजभर को पुलिस पहले मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज भी भेज चुकी है। आशीष पांडेय व अनुराग गुप्ता को भी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। चर्चा है कि जेल से छूटने के बाद हनक बनाने के लिए कुछ दिन पहले गोरखपुर में भी फायरिंग किए थे।
पिछले साल सात नवंबर को मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर गांव से शहर में बने मुंसफ काॅलोनी आवास लौटते समय निहाल को बाइक सवार बदमाशों ने सुरौली थाना क्षेत्र के जद्दू परसिया पेट्रोल पंप के पास गोली मार दिया था।
निहाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों शूटर अमन गिरि, बृजेश गोस्वामी और आलोक कुमार राजभर को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी आशीष पांडेय को भी मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। आशीष ने सुपारी देकर निहाल की हत्या करवाने की बात बताई। उसके अनुसार दो लाख रुपये में गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के कहला गांव निवासी अमन गिरि ने हत्या करने की सुपारी ली।
उसने गगहा थाने के ही बेलाडाड व सुरौली थाने के नई खास निवासी आलोक कुमार के संग मिलकर इसे अंजाम देने की योजना बनाई। घटना को अंजाम देने के लिए 40 हजार रुपये एडवांस के रूप में अमन को दे दिया गया। शेष रकम हत्या के बाद देने को कहा गया था।
निहाल हत्याकांड में अमन गिरि ने ही गैंग लीडर की भूमिका निभाई थी। इस मामले में चारों काफी दिनों तक जेल में बंद थे। जेल से छूटने के बाद आशीष पांडेय अपने दोस्तों के साथ एक बार फिर दहशत फैलाना शुरू कर दिया था।