फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की किरकिरी के बाद हुआ शव का दाह संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की किरकिरी के बाद हुआ शव का दाह संस्कार
विज्ञापन

देसही देवरिया। महुआडीह थानाक्षेत्र के देवरिया नकछेद गांव में रामेश्वर प्रसाद की पिटाई से मौत के बाद शव पांच दिनों तक दरवाजे पर ही रखा गया था। बहू पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को नौतन हथियागढ़ में छोटी गंडक तट पर वृद्ध के शव का दाह संस्कार पुलिस की मौजूदगी में किया गया। विदेश आए पुत्र ने पिता को मुखाग्नि दी।
महुआडीह थानाक्षेत्र के देवरिया नकछेद गांव में 14 अप्रैल की देर रात में बहू और ससुर में विवाद हो गया था। आरोप है कि बहू ने मायके वालों को बुलाकर ससुर की पिटाई करा दी। उससे रामेश्वर प्रसाद की (ससुर) मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने बहू के दो भाइयों, भोला और राजकुमार पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। बहू को हिरासत से छोड़ दिया। यही बात पुलिस के गले की फांस बन गई। मृतक की पत्नी उर्मिला देवी ने घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर लाया गया तो अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वह दरवाजे पर शव रखवाकर धरने पर बैठ गईं।
विज्ञापन

एसओ पर आरोप लगाया कि बार-बार तहरीर बदलवा कर मामले का अल्पीकरण कर आरोपित बहू को छोड़ दिया गया। रविवार को पुलिस ने जब दबाव बनाकर दाह संस्कार कराने की कोशिश की तो गांव के लोग प्रदर्शन करने लगे। देर रात सदर एसडीएम, एएसपी, सीओ सिटी पहुंचे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने देर रात बहू पर केस दर्ज कर उसे भी गिरफ्तार किया। उसके बाद पीड़िता मान गई। सोमवार सुबह सीओ और एसओ की मौजूदगी में शव का दाह संस्कार किया गया। आरोपित बहू सुमन के पति और तीन पुत्रों में बड़े सोनू घटना के बाद विदेश से आए। उन्होंने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
पांच दिन की जद्दोजहद के बाद उर्मिला को मिली न्याय
देसही देवरिया। पति का शव लेकर पांच दिनों तक तपती धूप में धरने पर बैठी उर्मिला देवी को पांचवें दिन आखिरकार न्याय मिल गया। पांच दिनों तक क्षेत्र में महुआडीह पुलिस की किरकिरी होने के बाद उच्चाधिकारियों की फटकार के बाद रविवार देर रात महुआडीह पुलिस ने मुख्य आरोपित बहू सुमन को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया। देर रात पीड़िता को मुकदमे की कॉपी देकर मोबाइल फोन पर बहू की गिरफ्तारी की फोटो दिखाई। तब जाकर सोमवार की सुबह छह बजे के करीब नौतन हथियागढ़ छोटी गंडक नदी तट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान सीओ और एसओ भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब पांच बजे गांव पहुंच गए और घाट तक साथ गए। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत महसूस की।
विज्ञापन

केस दर्ज होने पर शांत हुआ मामला
देसही देवरिया। रामेश्वर की मौत के बाद महुआडीह पुलिस की भूमिका को लेकर क्षेत्र में पांच दिनों तक पुलिस की खूब किरकिरी हुई। रविवार को अंतिम संस्कार कराने के लिए दबाव बनाने के बाद माहौल और बिगड़ गया। एसडीएम सौरभ सिंह, एएसपी राजेश कुमार और सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने पहुंचकर हालात को संभाला। उनके निर्देश पर केस दर्ज होते ही मामला शांत हो गया। हालांकि उर्मिला देवी ने एसओ के स्थानांतरण के लिए एसपी को संबोधित पत्र भी सीओ को दिया है। दिन-रात बज रहे हूटर की आवाज से गांव के लोग सहम गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें