संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। चार दिन पहले सीएमओ डॉ. अनिल कुमार के सीएचसी के औचक निरीक्षण के बाद भी अस्पताल में सफाई व्यवस्था की हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था पर सीएमओ की नाराजगी का कोई असर नहीं दिख रहा। आउटसोर्सिंग पर टिकी अस्पताल की सफाई व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह 11 बज अस्पताल का जायजा लिया गया तो ओपीडी, मरीज भर्ती कक्ष, पैथोलॉजी से लेकर चारों ओर बायोवेस्ट बिखरा मिला। मरीज भर्ती कक्ष में बेड की चादरें नहीं बदली गई थीं। अस्पताल में झाड़ू नहीं लगने से दुर्गंध उठ रही थी।
सीएचसी की सफाई व्यवस्था आउटसोर्सिंग से चलती है। ठेके पर चल रही सफाई व्यवस्था धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रही है। हर माह कागज में सफाई के नाम पर पांच कर्मचारियों के वेतन मद का ठेकेदार को भुगतान हो रहा है।
सीएचसी का पूरा परिसर लचर सफाई व्यवस्था से गंदगी से पट गया है। बताया जा रहा है कि सफाई व्यवस्था का ठेका लेने वाला जनपद सिद्धार्थ नगर का रहने वाला है। अस्पताल में खून जांच कराने पहुंचे प्रदीप यादव ने कहा कि अस्पताल में ठीक होने आ रहे मरीज इन्फेक्शन से और बीमार हो जा रहे हैं। चारों तरफ बोतल, सिरिंज और खराब पट्टियां बिखरी पड़ी हैं।
सीएचसी पर जिला अस्पताल की सुविधा का दावा बिल्कुल खोखली साबित हो रही है। रमेश मिश्रा ने कहा कि यहां की सफाई व्यवस्था ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ गया है। ठेकेदार हर महीने सफाई के नाम पर सरकारी धन लूट रहा है। अस्पताल में काई सफाई कर्मचारी नहीं है।
इस बावत अधीक्षक डॉ एसके राव ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है। सफाई व्यवस्था के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।