भाटपाररानी। थाना क्षेत्र के ग्राम सुरजीपुर से सोनूघाट देवरिया गई बरात में मिट्टी के बने भरूका में रखी रसमलाई को दोबारा खाने से आधे घंटे बाद फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए थे। यह बात बरात गए लोगों ने शनिवार को बताई।
उन्होंने बताया कि जो बराती द्वार पूजा के बाद जलपान और भोजन कर तत्काल चले आए थे, वे इसके शिकार नहीं हुए। द्वार पूजा और जयमाल कार्यक्रम के बाद केवल घर के लोग और रिश्तेदार बच गए थे। कन्या निरीक्षण के दौरान गई महिलाओं और पुरुषों को उन्हें घरातियों ने फिर औपचारिकता में दोबारा रसमलाई देकर जलपान कराया। उसके थोड़ी देर बाद उन लोगों और रिश्तेदारों को एकाएक गर्मी महसूस हुई।
पसीना आने लगा और उल्टी-दस्त शुरू हो गया। देखते-देखते बचे 60 से 70 लोग, जिसमें कुछ लोग खाना खा चुके थे वह भी इसका शिकार हो गए। उन्हें तत्काल नींबू का रस और नमक का घोल दिया गया। सभी लोग भाग कर सलेमपुर अस्पताल पहुंचे। इलाज के बाद सब लोगों की हालत ठीक हो गई और घर चले आए।
बता दें कि बृहस्पतिवार को सूरजीपुर से देवीदयाल के लड़के ईश्वर गुप्ता की बरात सदर कोतवाली क्षेत्र के सोनूघाट स्थित एक मैरिज हॉल में गई थी। लड़की वाले गोपालगंज बिहार के कटया गांव से थे।