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Deoria News: शराब और पशु तस्करों से सांठगांठ में बनकटा थानेदार और सिपाही निलंबित

Fri, 10 Oct 2025 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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-श्रीरामपुर थाना के बिहार बाॅर्डर को जोड़ने वाली प्रतापपुर चौकी पर तैनात था सिपाही
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-बनकटा थाने पर तैनात थानेदार काफी दिनों से जिले में थे तैनात, तस्करों का था करीबी

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। शराब और पशु तस्करी रोकने में नाकाम और शराब तस्करों से मिलीभगत के आरोप में एसपी ने बनकटा थानाध्यक्ष नवीन चौधरी और श्रीरामपुर थाने के बाॅर्डर चौकी प्रतापपुर पर तैनात सिपाही उमेश चौहान को निलंबित कर दिया। एक दिन पूर्व श्रीरामपुर थानाध्यक्ष कपिलदेव चौधरी को एसपी ने निलंबित किया है। दोनों थानाध्यक्ष और सिपाही बाॅर्डर के थाना क्षेत्रों में काफी दिनों से तैनात रहे हैं। बिहार बार्डर को जोड़ने वाले थानों पर तैनात सभी थानेदार एसपी के निशाने पर हैं। इनकी भूमिका की गोपनीय जांच कराई जा रही है।

बनकटा थानाध्यक्ष नवीन चौधरी जिले में तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं। काफी दिनों तक एसपी रहे श्रीपति मिश्रा के पीआरओ भी रहे चुके हैं। इसके बाद बिहार बाॅर्डर को जोड़ने वाले सभी थानों पर थानाध्यक्ष रह चुके हैं। विभागीय पहुंच मजबूत होने के कारण नवीन मनचाहे थाने पर तैनाती कराने में माहिर हैं। लार, खुखुंदू, महुआडीह थाने पर इनकी तैनाती रह चुकी है।
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कुछ दिनों तक एसओजी की भी कमान संभाल चुके हैं। वहीं श्रीरामपुर थाने के प्रतापपुर चौकी बिहार बार्डर को जोड़ती है। यहां पर तैनात सिपाही उमेश चौहान और बनकटा एसओ की शिकायत शराब तस्करी और पशु तस्करी कराने की एसपी तक पहुंची थी। एसपी की ओर से कराई गई गोपनीय जांच में पता चला कि नवीन चौधरी और उमेश का शराब ठेकेदारों व तस्करों से सांठगांठ है। बाॅर्डर से होने वाले तस्करी नहीं रोक पा रहे हैं।
वहीं एक दिन पहले श्रीरामपुर के थानाध्यक्ष कपिल देव चौधरी को भी एसपी ने निलंबित कर दिया था। कपिलदेव चौधरी और नवीन चौधरी दोनों लार थाने पर काफी दिनों तक तैनात रह चुके हैं। इस दौरान दोनों थानाध्यक्षों पर कई गंभीर आरोप भी लगे थे, मगर विभागीय सेटिंग मजबूत होने के कारण कार्रवाई की जद में नहीं आए। लार थाने के मेहरौना और खरवनिया चौकी क्षेत्र के रास्ते शराब और पशुओं की तस्करी का खेल बड़े पैमाने पर चलता है।
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सूत्रों की मानें तो लार थाने पर तैनात रहे उमेश वाजपेयी को इन दिनों एकौना थाने का चार्ज दिया गया है। इसके पूर्व सलेमपुर कोतवाली में इनकी तैनाती रही। दोनों थाने पर तैनाती के दौरान कई बार आरोप लगे, सलेमपुर कोतवाली से लाइन हाजिर एसपी ने किया था, मगर जोड़तोड़ में माहिर उमेश विभागीय पैठ के चलते लार का थानाध्यक्ष कुछ दिन बाद बन गए। संतोष कुमार भी बाॅर्डर क्षेत्र के कई थानों पर थानाध्यक्ष रह चुके हैं। उच्चाधिकारियों तक इनकी शिकायत पहुंची तो सलेमपुर से हाल ही में लाइन हाजिर कर दिए गए। इसके अलावा बाॅर्डर के थानों पर कई दरोगा और सिपाही दो से तीन साल से जमे हैं। बाॅर्डर क्षेत्र के हल्का में इनकी तैनाती है। खामपार में तैनात दिग्विजय सिंह पर भी एक विधायक ने खुखुंदू में तैनाती के दौरान एक हत्या के मामले में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद तत्कालीन एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था।
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