एकौना। पचलड़ी में चल रही रामलीला में सातवें दिन बृहस्पतिवार की रात श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के वन का मंचन देख दर्शक भावुक हो गए।
मंचन के बाद श्रीराम दरबार की झांकी की आरती के दाैरान पूरा पंडाल जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रामलीला समिति पचलड़ी के तत्वावधान में जनकपुर मिथिला के कलाकारों ने रामलीला की सजीव प्रस्तुति की गई।
अयोध्या नगर वासियों द्वारा मना करने के बाद भी श्रीराम उन्हें नीति के बारे में बताते हुए वन को चल दिए। राज्य की सीमा पर प्रजा का श्रीराम के प्रति अपार प्रेम और समर्पण देख लोग भावुक हो गए। वन में प्रवास के समय मां सीता के आग्रह पर कुटिया से राम और लक्ष्मण के जाने के बाद साधु के वेष में रावण आ जाता है और माता सीता का हरण कर लेता है।
वायुमार्ग से जाते समय जटायु से रावण का युद्ध लोगों को रोमांचित कर देता है। कुटिया पर लौटने के बाद राम और लक्ष्मण सीता को नहीं देख वन में उन्हें तलाश करते हैं।