संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यौन शोषण का आरोपी जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज ब्याज पर रुपये देता था। लोगों का आरोप है कि समय पर ब्याज की रकम चुकता न कर पाने वालों पर सत्ता का धौंस दिखाता था।
जोर-जबरदस्ती भी करता था। यही वजह है कि उसने कम समय में अकूत संपत्ति बना ली है। सूदखोरी का धंधा उसने सलेतपुर तहसील क्षेत्र में फैला रखा है। उधर, विवेचना बदलने के बावजूद सदर कोतवाली पुलिस यौन शोषण के आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज को पांच दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
जबकि इस मामले की मॉनिटरिंग एसपी विक्रांत वीर खुद कर रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत अन्य कई टीमें लगाई गईं हैं। पुलिस जिला पंचायत सदस्य समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला व जिला पंचायत सदस्य का पति रिश्ते की 17 वर्षीय बहन का इलाज कराने चार पहिया वाहन से छह मार्च को गोरखपुर गया था। रास्ते में उसकी नीयत डोल गई। पीड़िता के पिता का आरोप है कि गोरखपुर के सोनूघाट चौराहे पर टॉफी में नशीली दवा मिलाकर खिला दिया।
जब वह बेहोश हो गई तो देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में ले जाकर यौन शोषण किया। आरोपी की धमकी से डरी किशोरी कुछ दिनों तक परिजनों को कुछ नहीं बताया।
बाद में उसने मां को आपबीती बता दी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने पांच दिन पहले आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज पर पाॅस्को एक्ट और यौन शोषण का केस दर्ज कर धरपकड़ शुरू कर दी है।