संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यौन शोषण के आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज कन्नौजिया को आखिर पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
उसने शनिवार को पुलिस को चकमा देकर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके पहले आरोपी ने दो अप्रैल को अपने बचाव के लिए हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल की थी, मगर आरोपी के अधिवक्ता ने 15 अप्रैल को याचिका वापस ले ली।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया छह अप्रैल को इलाज कराने रिश्ते की 17 वर्षीय बहन को गोरखपुर ले गया था।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि रास्ते में मनोज का मन डोल गया और टॉफी में नशीली दवा खिलाकर बेटी को देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ले गया, वहां उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़िता के पिता कीतहरीर पर पुलिस ने पाॅस्को एक्ट और यौन शोषण का केस 26 मार्च को दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
आरोप है कि शुरू से ही इस मामले में पुलिस टालमटोल करती रही। पुलिस केस दर्ज होने के 24 दिन तक आरोपी की गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। आरोपी अपने अधिवक्ता के साथ दोपहर 11 बजे विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो वीरेंद्र सिंह की अदालत में पहुंच कर समर्पण कर दिया।