संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यौन शोषण का आरोपी जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर खुद को राजनीतिक द्वेष से फंसाने की बात कहते हुए खुद को बेगुनाह बताया है।
सोमवार को हाईकोर्ट में सदर कोतवाल और मामले के विवेचक दिलीप सिंह पक्ष रखेंगे।
उधर, एसपी ने आरोपी पर 25 हजार का इनाम कर रखा है। विवेचक के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। बावजूद इसके आरोपी गिरफ्त में नहीं आ सका। जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए एसपी कार्यालय और सदर कोतवाली का चक्कर लगा रहा है।
आरोप है सेलमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला जिला पंचायत सदस्य का आरोपी पति एक माह पहले 17 वर्षीय रिश्ते की बहन को टॉफी में नशीली दवा खिलाकर यौन शोषण किया था। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित के पिता की तहरीर पर देवरिया सदर कोतवाली पुलिस ने 26 मार्च को पाॅस्को एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज किया है।
शुरू से ही पुलिस इस मामले में टालमटोल करती नजर आ रही है। घटना छह मार्च को हुई और केस 26 मार्च को दर्ज किया गया। आलम यह है कि केस दर्ज होने के 12वें दिन और घटना के एक माह बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। कारण सफेदपोशों का संरक्षण बताया जा रहा है। जबकि इस मामले की मानिटरिंग एसपी विक्रांत वीर खुद कर रहे हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत कई टीमें गठित करने के साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है फिर भी उसका लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस विफल साबित हो रही है।
सूत्रों की माने तो जब तक आरोपी की पत्नी कोतवाली में ब्ैठाए रखी गई थी, उस दाैरान आरोपी खुद न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को तैयार हो गया था। जैसे ही पुलिस ने उसकी पत्नी को घर जाने दिया, इसके बाद वह बेफि्रक हो गया और जमानत के लिए हाथ-पैर मारने लगा।
इसी बीच तीन अप्रैल को आरोपी हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर खुद को बेगुनाह बताया है। उधर हाईकोर्ट का पत्र मिलने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर ली है।
विवेचक दिलीप सिंह सोमवार को अपना पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखेंगे वहीं पीड़िता के पिता का आरोप है कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।