संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन दिन बाद भी सदर कोतवाली पुलिस यौन शोषण के आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
आरोप है कि 20 दिन बाद जब मामला उजागर हुआ तो आरोपी ने होटल मैनेजर से मिलकर घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट कर दिया। हालांकि, पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है, मगर सुराग हाथ नहीं लग रहा है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाली 17 वर्षीय पीड़िता के पिता ने रिश्ते के भतीजे जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज के साथ बेटी को इलाज कराने गोरखपुर भेजा था। पिता का आरोप है कि गाड़ी में अकेली देख उसकी नियत सोनूघाट चौराहे पर डोल गई। उसने चौराहे पर गाड़ी रोककर टॉफी खरीदी और नशीली दवाएं मिलाकर खिला दिया।
जब बेटी बेहोश हो गई तो उसे देवरिया रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ले जाकर यौन शोषण किया। इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने तीन दिन पहले आरोपी युवक पर यौन शोषण का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है, मगर हाथ नहीं आ रहा है। इससे पीड़ित परिवार भयभीत है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी कई बड़े नेताओं का करीबी है, इसलिए पुलिस गिरफ्तार करने में रुचि नहीं ल रही है।
इस मामले में पुलिस ने बुधवार की रात को ही होटल में छापा मारा था। रजिस्टर की जांच-पड़ताल की, मगर घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज डिलीट मिला। होटल मैनेजर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
वहीं बृहस्पतिवार की देर रात को पुलिस सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आरोपी के घर फिर पहुंची, मगर वह नहीं मिला। आरोपी की जिला पंचायत सदस्य पत्नी और एक रिश्तेदार से पूछताछ चल रही है। शुक्रवार को भी उसके कई ठिकानों पर छापा मारा गया।