संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। 19 दिन पहले एक युवक की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवती ने खुदकुशी कर ली थी। युवती की मां की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवक पर बेटी को खुदकुशी करने के लिए उकसाने, जान से मारने की धमकी और एसी-एसटी एक्ट में केस दर्ज किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी विक्रांत वीर ने कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम के अलावा कई टीमें लगाई थीं।
इस मामले में राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और समाजवादी पार्टी के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधित्वमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी वार्ता की थी। एक तरफ पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी, दूसरी तरफ वह चकमा देकर हाईकोर्ट पहुंच गया। मंगलवार को कोर्ट ने पुलिस पर टिप्पणी करते हुए कुछ दिनों के लिए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। इसकी खबर मिलते हुए पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने लगे हैं।
कस्बे की रहने वाली पीड़ित महिला के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 29 अगस्त की देर शाम लार थाना क्षेत्र के दोगारी राजमल गांव निवासी दीपक तिवारी के खिलाफ उसकी बेटी को खुदकुशी करने के लिए उसकाने, जान से मारने की धमकी और एसी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
उसके अगले दिन एसपी विक्रांत बीर ने कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम को लगाकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।