बैनामे की जमीन पर शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। मामला देवरिया खास मोहल्ले के विकसित कॉलोनी का है। सांप्रदायिक तनाव की सूचना पर कई थानों की फोर्स लेकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए जांच-पड़ताल के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने शव दफन करने से मना कर दिया। इसके बाद विवाद शांत हो गया। मौके पर पुलिस कैंप कर रही है।
देवरिया खास मोहल्ले की नई कॉलोनी में एक जमीन पर शव दफन किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने विरोध किया। हियुवा जिला उपाध्यक्ष अमित मोदनवाल पहुंचे और मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। हियुवा नेताओं का कहना था कि कॉलोनी में नई कब्र बनाई जा रही है।
सूूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि मदनपुर गोला के अब्दुल अजीम (80) ने डेढ़ दशक पहले देवरिया खास मोहल्ले में जमीन का बैनामा कराया था। शुक्रवार को उनका इंतकाल हो गया।
घरवाले शव दफनाने के लिए बैनामे की जमीन पर पहुंचे थे। पुलिस की पूछताछ में अजीम के पुत्र सिकंदर ने बताया कि अब्बा की अंतिम इच्छा थी कि इंतकाल के बाद बैनामे की जमीन पर शव को दफनाया जाए। इसके बाद हम लोग आए थे। जांच के बाद जमीन अब्दुल अजीम के बैनामे की निकली।
विवाद की सूचना पर सैकड़ों लोग जुट गए। हंगामा के बाद अपर एसडीएम मायाशंकर यादव, सीओ सुशील सिंह, कोतवाल गोपाल त्रिपाठी, एसओ रामपुर कारखाना देवेन्द्र विक्रम सिंह, एसओ गौरीबाजार अनिल पांडेय के अलावा अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंच गई। करीब तीन घंटे तक गहमागहमी होती रही।
सीओ ने बताया कि आबादी की जमीन पर शव दफन की इजाजत नहीं है। दोनों पक्षों से बातचीत हुई। उनकी रजामंदी के कारण शव दफन नहीं कराया गया। जैतपुरा में अब शव को मिट्टी दी जाएगी।