चश्मदीदों के मुकरने पर भी नहीं मिला आरोपी को लाभ
देवरिया। सलेमपुर थाना क्षेत्र के मझौलीराज कर्जवानी टोला निवासी हरेंद्र तुरहा को पत्नी को आत्महत्या करने के लिए दुष्प्रेरण करने के मामले में शुक्रवार को सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने आरोपी पति को दोषी पाए जाने पर दस साल के कैद व 6000 रुपये जुर्माने से दंडित करने का फैसला सुनाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह ने बताया कि टाउन एरिया मझौलीराज के कर्जवानी टोला निवासी हरेंद्र तुरहा की शादी भटनी थाना क्षेत्र के रायवारी चखनीघाट निवासी कुशल देव तुरा की बेटी बिंदा के साथ चौदह वर्ष पूर्व हुई थी। शादी में दहेज के लिए बिंदा को उसके पति व ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। दो अक्तूबर 2015 को 3:00 बजे दिन में पति हरेंद्र तुरहा ने बिंदा कुशवाहा की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
मृतका के पिता कुशल देव की तहरीर पर हत्या का मुकदमा थाना सलेमपुर में दर्ज हुआ। विवेचना में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप पत्र न्यायालय में पुलिस ने दाखिल किया। उभय पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी हरेंद्र तुरहा अपनी पत्नी को आत्महत्या करने के लिए दुष्प्रेरण करने लिए दोषी है। ऐसे में अदालत ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर सजा के लिए जेल भेज दिया।