आम जनजीवन प्रभावित, बाजारों में कम रही हलचल
एक-दो दिन मौसम इसी तरह रहने की संभावना जता रहे विशेषज्ञ
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद का मौसम बृहस्पतिवार को अचानक बदल गया। भोर से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने पारा तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़का दिया। इससे ठंड बढ़ गई। रूक-रूककर करीब दोपहर दो बजे तक हुई बूंदाबादी ने सामान्य जनजीवन प्रभावित कर दिया। सुबह स्कूल के लिए निकले बच्चे और अभिभावक परेशान नजर आए। वहीं दोपहर तक बाजारों में भी हलचल कम नजर आई। विशेषज्ञ मौसम में आए इस अचानक बदलाव का कारण बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात को मान रहे हैं। साथ ही अभी एक-दो दिन तक मौसम के ऐसे ही रहने की संभावना जता रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 16 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस था। सुबह से हो रही बूंदाबांदी ने ठंड में इजाफा किया है। कम रोशनी के चलते वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जलाकर चलना पड़ा। पूरे दिन बदली छाई रही। दोपहर ढाई बजे के करीब हल्की धूप खिली, लेकिन कुछ ही देर में फिर बादलों का डेरा हो गया, जो शाम तक रहा।
शहर के प्रमुख बाजारों में सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़भाड़ कम रही। इससे अधिकांश दुकानदार ग्राहकों का इंतजार नजर आए। बीआरडी पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ. उदयभान ने बताया कि पिछले दिनों जो हल्की बारिश हुई वह पश्चिमी विक्षोभ से हो रही थी। बृहस्पतिवार की बारिश बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात के चलते हुई है। अभी मौसम एक-दो दिन तक मौसमस इसी तरह रहने की संभावना है। बारिश की वजह से कोहरा बढ़ने के कारण ठंड भी अधिक महसूस होगी। शीतलहर भी चलने का अनुमान है।
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मौसमी फसलों व सब्जियों के लिए बरसा सोना
कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना, भाटपाररानी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को बताया कि मौसमी फसलों के लिए यह बारिश सोने जैसी है। 75 प्रतिशत किसानों ने गेहूं, दलहन, तिलहन की फसल को बो दिया है। फसल अब उग भी चुकी हैं। यह बूंदाबांदी इन फसलों के अलावा आलू, मटर, बैगन, गोभी सहित अन्य सब्जियों व फसलों के लिए बेहद लाभदायक है, जो किसान फसल नहीं बो पाए हैं, बारिश ने उनकी बुआई में और देरी होगी। कृषि वैज्ञानिक ओमकार नाथ दुबे ने बताया कि इसके बाद बारिश होती है तो फसलों को नुकसान होगा। अब हल्की प्रजाति के गेहूं का बीज बोएं।
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देर से बुवाई करने वाले किसान परेशानदेवरिया-सलेमपुर। मौसम में आए अचानक बदलाव ने देर से बुआई करने वाले किसानों को परेशान कर दिया है। निचले इलाकों में खेतों में पहले से काफी नमी थी। नमी हटाने के लिए इसे जुताई कर छोड़ा गया था। अब बारिश के चलते नमी और बढ़ गई। ऐसे में खेतों की बुवाई अब एक सप्ताह पिछड़ गई। किसान मैनेजर यादव ने बताया कि गेहूं की बुवाई में विलंब हो जाएगा। किसान सुरेश यादव, शिवाजी यादव, संजय सिंह व पप्पू ने बताया कि हम लोगों ने एक दिन पहले गेहूं की बुआई की है। चिंता सता रही कि तेज बारिश हुई तो हमारी पूंजी बर्बाद हो जाएगी।
बुखार, पेट में दर्द की बढ़ी शिकायतें
बदले मौसम ने मरीजों की संख्या में भी वृद्धि कर दी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार, पेट दर्द, सर्दी-खांसी, बीपी, सांस के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सीएमएस डॉ. एचके मिश्र ने बताया कि ठंड से बचाव करें, इस मौसम में लापरवाही बिल्कुल न करें। दिक्कत होने पर चिकित्सक को अवश्य दिखाएं।