सदर तहसील में लेखपाल संघ ने धरना देकर विरोध जताया।
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देवरिया। नगर विकास मंत्री आजम खां की टिप्पणी से भड़के लेखपालों ने मंगलवार को तहसील दिवस का बहिष्कार कर सदर तहसील में धरना दिया। लेखपालों ने कैबिनेट मंत्री के बयान की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मंत्रियों और विधायकों की ओर से होने वाली अमर्यादित टिप्पणियों पर रोक लगाने की मांग की है। इस दौरान लेखपालों ने नारेबाजी भी की।
उप्र लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री बृजेश श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपाल भूलेख संबंधी कार्यों के साथ-साथ अन्य विभाग के कार्यों में भी सहयोग करता है। लेकिन सरकार में मौजूद एक जिम्मेदार मंत्री की ओर से लेखपालों के खिलाफ की गई टिप्पणी शर्मनाक है। कैबिनेट मंत्री आजम खां ने लेखपालों को समाज का ‘सबसे गंदा व्यक्ति’ बताया है। उनका यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे लेखपाल संवर्ग मर्माहत है। जिलाध्यक्ष नागेश पति त्रिपाठी ने कहा कि मंत्री जिस आटो रिक्शा वितरण कार्य के बारे में शिरकत कर रहे थे, उससे लेखपालों से कोई संबंध नहीं है। रजिस्ट्रेशन का काम नगर निगम, नगर पालिका के जिम्मे है। ऐसे में लेखपालों के खिलाफ की गई टिप्पणी समझ से परे है। मंत्री को लेखपाल संवर्ग को अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है।
वह पूर्व में भी ऐसी टिप्पणी कर चुके हैं। इस तरह की टिप्पणियों से सरकार की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। धरने में उमेश उपाध्याय, संतोष कुमार, रामानंद, राजकुमार मिश्र, रामलाल सिंह, रामप्रवेश गुप्ता, ओमप्रकाश मौर्य, रामा प्रसाद, शारदा यादव, पंकज सिंह, रविंद्र प्रकाश, सुभाष चंद्र आदि मौजूद रहे।