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Deoria News: मोबाइल पर हिंसक फिल्में देखकर बिगड़ रहे किशोर

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देवरिया। मोबाइल पर फिल्में और रील देखकर किशोर बिगड़ रहे हैं। इससे कम उम्र में ही दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे रिश्ते तार तार हो रहे हैं। इसको लेकर समाज में चिंता बढ़ रही है। वहीं मनोवैज्ञानिक इसे आसपास के माहौल से जोड़कर देख रहे हैं।
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करीब दो महीने पहले रामपुर बुजुर्ग क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची के साथ दरिंगदी हुई थी। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में चाचा ही आरोपी पाया गया।
इसी तरह मंगलवार की रात में गौरीबाजार क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची के साथ उसके चचेरे भाई ने दुष्कर्म कर दिया। इसकी जानकारी बुधवार को परिजनों ने पुलिस को दिया। इस तरह की घटनाओं से रिश्ते तार तार हो रहे हैं। मनोवैज्ञानिक इसके पीछे अनेक कारण गिनाते हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में मनोचिकित्सा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंबु पांडेय का कहना है कि सभी किशोर सेक्सुअल ऑफेंडर में आपराधिक प्रवृत्ति होना जरूरी नहीं है। उनका कहना है कि किशोरों का यह व्यवहार उनके समाज का आईना है।
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डॉ. अंबु का कहना है कि किशोरों में बढ़ती दुष्कर्म की प्रवृति के पीछे सबसे बड़ी वजह अपने घर में अपने माता-पिता या रिश्तेदारों को ऐसी क्रिया में कम उम्र में देखना होता है। इसके अलावा रिश्तेदारों के बीच सेक्स संबंधी मजाक किशोर कम उम्र में देखते सुनते हैं। इससे किशोंरों की जिज्ञासा बढ़ जाती है और वह वही करते हैं जो देखते हैं। इसके अलावा मां बाप द्वारा सेक्स संबंधी ज्ञान उचित आयु नहीं दे पाना भी बड़ी वजह है।
डॉ. अंबु ने बताया कि समाज के कई वर्गों में घर के सभी सदस्य एक ही कमरे में रहते हैं। बच्चे कई चीजें इन कमरों में देखते हैं। कम उम्र में मैच्योरिटी कम होने और कॉन्सीक्वेंसेस नहीं समझ पाने से भी वह चीजों को सही तरीके से समझ नहीं पाते हैं। कई बार गलत संगत, नशा, पोर्नोग्राफी के कारण किशोरों में ऐसी प्रवृत्ति पैदा होती है।
यह भी परिवार में ही गड़बड़ी इंगित करते हैं। इसके अलावा आजकल रील और कुछ फूहड़ गीतों से भी किशोरों में इस तरह की प्रवृत्ति विकसित होती है। इससे बचने के लिए मां बाप को सजग रहना होगा।
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