अनुदानित स्कूलों में फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनवाने वाले गिरोह पर है एजेंसियों की नजर
बीएसए कार्यालय में पूछताछ के दौरान अहम सुराग मिलने की भी बात आ रही सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अनुदानित स्कूलों में फजीवाड़ा कर नियुक्ति कराने वाले गिरोह पर एसआईटी और एसटीएफ की लगातार नजर बनी हुई है। इसके साथ ही कई फर्जी शिक्षक भी इनके निशाने पर हैं। इस सप्ताह गिरोह से जुड़े लोगों व मास्टर माइंड पर शिकंजा कसकर बड़ा पर्दाफाश किया जा सकता है। शनिवार की शाम को बीएसए कार्यालय पहुंची टीम ने बीएसए और कई बाबुओं से इस संबंध में पूछताछ भी की थी। पूछताछ में उन्हें अहम सुराग मिलने की बात कही जा रही है।
11 जुलाई को एसटीएफ ने जनपद के दो अनुदानित स्कूलों में 19 शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी अनुमोदन पत्र के आधार पर कराने के आरोप में बीएसए कार्यालय के लेखाधिकारी जगदीश श्रीवास्तव समेत 17 के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। शनिवार शाम को बीएसए कार्यालय पहुंची एसटीएफ की टीम ने बीएसए व कार्यालय के कई बाबुओं से इन नियुक्तियों के संबंध में पूछताछ की थी। सूत्रों के अनुसार, इसे लेकर बाबू तनाव में हैं।
टीम के सदस्यों ने इन नियुक्तियों से संबंधित अभिलेख भी जुटाए, हालांकि कुछ नियुक्ति, डिस्पैच सहित कुछ अन्य रजिस्टरों के पेज फटे होने से अब इस संबंध में बाबुओं एवं चतुर्थ श्रेणी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका लगातार संदेह के घेरे में आ गई है। इधर प्रबंधकीय स्कूलों की गई मनमानी नियुक्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिले में पिछले 20 से 25 साल से इन स्कूलों में फर्जीवाड़ा कर नियुक्तियां कराने वाले कुछ सरगना भी लगातार निशाने पर है और इनके खिलाफ ठोस सबूत भी इकट्ठा किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ लोगों की एजेंसी ने गिरफ्तारी भी कर ली है। एक सप्ताह के अंदर वह कुछ बड़ा पर्दाफाश करेगी। टीम की अगुवाई कर रहे सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह के जड़ तक पुलिस पहुंचने का काम कर रही है। बहुत जल्द फर्जीवाड़ा करने वाले अन्य सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।