फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवरिया: शिक्षक की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत

Sun, 19 Feb 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
भटनी-वाराणसी रेलखंड पर देवघाट गांव के सामने हादसे के बाद जुटी भीड़।
विज्ञापन
भटनी। नगर से शिवरात्रि मेला देखकर लौट रहे शिक्षक की शनिवार दोपहर मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा वाराणसी रेलखंड पर देवघाट गांव के सामने हुआ। घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी है।
विज्ञापन

भाटपाररानी थाना क्षेत्र के दनउर ग्राम सभा के फुलमान टोला निवासी दिनेश यादव उर्फ टुन्नू (45) प्राइवेट शिक्षक थे। शनिवार को वह भटनी बाजार में शिवरात्रि मेला देखने आए थे। पत्नी के लिए फलाहार लेकर घर के लिए निकले। 115 नंबर रेलवे क्रॉसिंग के पास देवघाट गांव के सामने ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव का शिनाख्त की।
पुलिस के सूचना पर पहुंचे परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। पत्नी उषा देवी बेहोश हो गईं। इकलौता बेटा आशुतोष यादव, बेटी शशि यादव, किरन यादव व स्वीटी का रो रोकर बुरा हाल है। बेटा आशुतोष कभी मां को संभाल रहा था तो कभी बहनों को ढांढस बढ़ा रहा था। यह देख घटना स्थल पर मौजूद सुरेश यादव, डॉ मोतीलाल यादव, तुंगनाथ यादव, सुरेंद्र यादव, रामप्रसाद यादव, मनोज यादव, संजय तिवारी, संतोष तिवारी, विजय कुमार गुप्त आदि पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे थे। एसओ जीआरपी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से शिक्षक की मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

....
इनसेट में
बेटी की शादी का सपना रह गया अधूरा
पत्नी के कंधों पर आ पड़ी चार बच्चों की जिम्मेदारी
भटनी। शिक्षक दिनेश यादव नगर के नूरीगंज बाजार में एक निजी स्कूल में पढ़ाते थे। आर्थिक तंगी के चलते वे स्कूल से समय मिलने पर ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उन्हें हमेशा बेटियों की शादी की चिंता सताए रहती थी। वे पत्नी से अक्सर बोलते थे कि इस महंगाई के दौर में इतनी छोटी सी नौकरी से कैसे बच्चों की शिक्षा व शादी सहित अन्य जरूरतों को पूरा करेंगे। पत्नी हमेशा उनका हौसलाअफजाई करती रहती थीं। दिनेश यादव की मौत से पत्नी उषा देवी के कंधों पर चार बच्चों की जिम्मेदारी आ गई है। चचेरे भाई शिक्षक सुरेश यादव ने बताया कि दिनेश यादव पढ़ने में बहुत होशियार थे। स्नातक करने के बाद वे बीएड की डिग्री लेकर अध्यापन कार्य में जुट गए। इस दौरान वे कई स्कूलों में शिक्षण का कार्य किये। उनके सहकर्मी दिनेश के मिलनसार स्वभाव से बहुत खुश रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें