‘गायों की रक्षा का लें संकल्प, देश की होगी तरक्की’
देवरिया। शहर के तिरुपति बालाजी मंदिर के पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य स्वामी राजनारायणाचार्य ने कहा कि यदि भारत को मजबूत बनाना है तो सभी को गायों की रक्षा, पालन-पोषण का संकल्प लेना होगा। सरकार की ओर से गायों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसका लाभ लेकर हर व्यक्ति स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त, समृद्ध और बलिष्ठ बन सकता है।
वह शनिवार को गोपाष्टमी की पूर्व संध्या पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि के लिए और भी उपाय किए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार गायों की रक्षा के लिए जिस तरह कार्य कर रही है, वह सराहनीय है। पूर्व की सरकारों ने भी यह किया होता तो आज गायों व गोवंश की उपेक्षा नहीं होती। देश के प्रधानमंत्री भी लगातार इस पर अपील कर रहे हैं। समय आ गया है कि गोवंश की उपयोगिता पर सभी को अब गंभीरता से विचार करना चाहिए। पुराणों में कहा गया है कि गायों की रक्षा, पालन एवं संवर्धन के लिए परमात्मा को भारत में अवतरित होकर गोपाल बनना पड़ा था। रघुकल की बात करें तो महाराजा दिलीप एवं महारानी सुदक्षिणा ने भी नंदिनी गाय की सेवा की और इसी से रघुवंश आगे बढ़ा।
प्रदेश सरकार ने गोहत्या पर प्रतिबंध तथा कसाइयों से गायों को बचाकर गो आश्रय स्थलों में रखवाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। शहर के पिपरपाती में बना हुआ गो आश्रय स्थल यहां की गायों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। साधकों को भी गो आश्रय व पिंपरा पोल गोशाला में पल रही गायों की सुविधा के लिए आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। वर्तमान में गोहत्या एवं शराब की बिक्री जिसकी वजह से देश में अनावृष्टि, अतिवृष्टि, अकाल, बाढ़, महामारी, भूकंप, बलात्कार, चोरी, हत्या, आपसी विद्वेष, बेरोजगारी आदि चरम सीमा पर पहुंच गया है। राजस्व वृद्धि को खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है। उससे लोगों का नैतिक पतन ही हो रहा है।