इन शिकायतों पर भी राजस्वकर्मियों ने गलत रिपोर्ट लगा दी। हलका दरोगा और सिपाही ने किसी भी प्रकार का जानमाल का खतरा न होना बताया था। 25 दिसंबर 2020 को भी जनसुनवाई पोर्टल पर उन्होंने शिकायत की, लेकिन उसमें यह दिखा दिया गया कि पूर्व में जांच हो चुकी है। इसी साल चार मार्च की अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्वकर्मी मौके पर गए थे, लेकिन सत्यप्रकाश को बार-बार फोन करने के बाद भी वह नहीं आए। खेत में फसल होने के कारण सीमांकन करना संभव नहीं है।
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इस दौरान ग्राम प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी शिकायत की थी कि प्रेम यादव ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है। इसके अलावा भी सत्यप्रकाश दूबे ने ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा और अपनी जमीन पर जबरन कब्जा करने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी।
इसमें मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई थी। पर पुलिस और राजस्व कर्मियों ने निस्तारण कागजों में कर दिया, लेकिन मौके पर विवाद बना रहा। इसके कारण जांच रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को कार्रवाई की गई है। इसमें उस दौरान तैनात रहे एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, दरोगा, सिपाही, रुद्रपुर कोतवाली के दो प्रभारी भी जद में आए हैं।
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- रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ - निलंबित
- तत्कालीन एसडीएम राम विलास, ओम प्रकाश, ध्रुव शुक्ला एवं संजीव कुमार उपाध्याय के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी
- सेवानिवृत्त तहसीलदार वंशराज राम एवं सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक रामानंद पाल पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
- दुष्कर्म के आरोप में निलंबित हो चुके तहसीलदार अभय राज को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी
- तत्कालीन तहसीलदार रामाश्रय, वर्तमान में बलरामपुर जनपद में तैनात और तहसीलदार केशव कुमार निलंबित
- राजस्व निरीक्षक विशाल नाथ यादव, लेखपाल राजनंदनी यादव, अखिलेश निलंबित