संवाद न्यूज एजेंसी
लार। क्षेत्र में लंपी वायरस ने दस्तक दे दी है। एक साथ दो पशुओं में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इससे पशुपालकों में दहशत है। पशुपालन विभाग की टीम ने बीमारी की पुष्टि के बाद इलाज शुरू कर दी है।
वहीं क्षेत्र के गांवों में लगातार इससे बचाव के लिए टीकाकरण कराया जा रहा है। साथ ही बचाव के उपाय भी डॉक्टरों की टीम बता रही है।
पशुपालकों का कहना है कि गायों के शरीर पर पहले फोड़े और फफोले उभर आए हैं। साथ ही बुखार और पैरों में सूजन हो हो गया है। पहले पैरों में सूजन होने पर गर्म पानी से धुलने पर ठीक हो जाता था। बुधवार को इसकी सूचना ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा अधिकारी अमित सिंह को दी।
मौके पर पहुंची टीम ने जांच की जिसमें पशुओं में लंपी बीमारी की पुष्टि हुई। इसके बाद तुरंत टीम ने इलाज शुरू कर दिया। वहीं पशुपालकों को नजर बनाए रखने के निर्देश दिया। कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। पशुओं को स्वच्छ स्थान पर रखे, नियमित दवा दें और स्वच्छ जल पिलाए। एक सप्ताह से दस दिन में पशु रिकवर कर जाता है।
उधर बीमारी सामने आने के बाद पशुपालन विभाग की टीम ने टीकाकरण अभियान को और तेज कर दिया है। अभी तक सैकड़ो पशुओं को लंपि बीमारी से बचाव के लिए टीका लगाया जा चुका है। वहीं रामनगर, रावतपार, रावतपार अमेठीया , मटियारा जगदीश, दोगारी, राजमल, मायापुर आदि गांवों में पहुंच टीम ने एक एक पशुओं की जांच की।
इस दौरान टीम ने कहा कि पशुओं में इस तरह के लक्षण मिलने पर तत्काल पशुपालन विभाग को सूचना दें। पशु चिकित्साधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि दो पशुओं में लंपी के लक्षण पाए गए हैं। टीम मौके पर पहुंच इलाज शुरू कर दी है। इसके अलावा टीकाकरण भी बचाव के लिए कराया जा रहा है।