संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्विमिंग पूल के शुरू होने जाने के एक सप्ताह के अंदर ही 100 से अधिक प्रशिक्षणर्थियों ने पंजीकरण कराया है। चार शिफ्टों में यहां फ्री स्टाइल, बैक स्ट्रोक, बटर फ्लाई, ब्रेस्ट स्ट्रोक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तैराकी सीखने आने वालों की संख्या व उत्साह इतना ज्यादा है कि अब स्टेडियम प्रशासन को भी पंजीकरण न बढ़ाने पर सोचना पड़ रहा है।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूरे डेढ़ साल तक तरणताल के नवीनीकरण का कार्य पिछले सत्र तक चला। वर्ष 2022 से बंद चल रहा तरणताल वृहद स्तर पर मरम्मत के बाद खिलाड़ियों और शौकिया सीखने वालों के लिए एक अप्रैल को लोकार्पण होने के बाद भी खिलाड़ियों व शौकिया वालों को उपलब्ध नहीं हो पाया। कारण यह रहा कि खेल विभाग की ओर से प्रशिक्षक या लाइफ सेवर का इंतजाम नहीं किए जाने के चलते इसमें लगातार देरी होती गई।
15 दिन पूर्व माध्यमिक शिक्षा विभाग के तैराकी से जुड़े एक गेम टीचर को यहां कार्य करने के लिए विभागीय स्तर पर रिलीव किया गया तो समस्या हल करने की दिशा में पहल शुरू हो गई। इसके बाद 10 मई से स्वीमिंग पूल की साफ-सफाई के बाद पहले छोटे व फिर बड़े पूल में पानी भरा गया। 13 मई से सत्र 2024-25 के लिए पूल को शुरू कर दिया गया।
तैराकी सीखने वालों का उत्साह इस कदर रहा कि एक सप्ताह में ही 100 से अधिक लोग, जिसमें खिलाड़ियों के अलावा ज्यादातर शौकिया भी शामिल हैं, ने पंजीकरण करा लिया है। भीड़ के चलते अब विभागीय लोग आने वाले अन्य लोगों को मना भी करने लगे हैं।
खिलाड़ियों को मिल रहा बेहतर अभ्यास का मौका
जिला तैराकी संघ के सचिव देवानंद भारती ने सोमवार को बताया कि तैराकी का प्रशिक्षण शुरू होना खिलाड़ियों के लिए अच्छा है। 16 जून से स्टेट प्रतियोगिताएं शुरू हो रही हैं। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास करने को मिल रहा है। सब जूनियर वर्ग के खिलाड़ी वैभव वर्मा व हर्ष गुप्ता ने बताया कि अगले माह स्टेट प्रतियोगिता के लिए बेहतर तैयारी का होना जरूरी है। पूल के शुरू होने से ऐसा संभव हो रहा है।
कोट
स्पोर्ट्स स्टेडियम के तरणताल को कई प्रयास के बाद प्रारंभ कर दिया गया है। सुबह व शाम को दो-दो शिफ्ट में इसे चलाया जा रहा है। यहां तैराकी सीखने व शौकिया आने वालों की संख्या अधिक है। एक सप्ताह के अंदर ही 100 से अधिक लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। इससे पता चल रहा है कि यहां के लोग इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं। अभी केवल एक ही लाइफ सेवर है और ज्यादा लोगों के आने से सबको संभालना मुश्किल होगा। एक और लाइफ सेवर मिल जाने के बाद आने वाले अन्य लोगों का भी पंजीकरण कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो शिफ्ट को भी बढाया जाएगा।
-अब्दुल अहद, प्रभारी क्रीड़ाधिकारी