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Deoria News: 18 वर्ष की उम्र में स्वामीनाथ गए थे जेल

Sun, 25 Jan 2026 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मईल। आजादी की लड़ाई में मईल क्षेत्र के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भागलपुर ब्लॉक के गोड़वली गांव निवासी स्वामी नाथ प्रजापति ने 18 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता आंदोलन में कदम रखा था।
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देश को आजाद कराने कराने के लिए महात्मा गांधी के 1942 में सत्याग्रह आंदोलन के दौरान अंग्रेजों के आवागमन को रोकने के लिए स्वामीनाथ ने अपने साथियों के साथ राम जानकी मार्ग पर पिपरा बांध पुल को तोड़ कर अंग्रेजों का आवागमन रोक दिया था।
अंग्रेजों के संसाधन ले जाने व लाने का राम-जानकी मार्ग प्रमुख मार्ग था। पुल तोड़ने के मामले में स्वामी नाथ सहित 60 लोगों के ऊपर लार थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने इस मामले में स्वामी नाथ व अन्य साथियों को गिरफ्तार कर गोरखपुर मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया।
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मजिस्ट्रेट ने इन लोगों को माफी मांगने को बोला यह सुन सभी साथी भारत माता की जय के नारे लगाने लगे जिससे नाराज होकर मजिस्ट्रेट ने एक साल की सजा और रोजाना पांच कोड़े की सजा सुना कर गोरखपुर जेल में भेज दिया। जेल में सूखी रोटी व शारीरिक यातनाएं दी गईं।
जेल से छूटने के बाद अंग्रेजों के सामने झुके नहीं, आजादी की लड़ाई में सहयोग के लिए लोगों को जागरूक करते रहे। स्वामी नाथ प्रजापति ने 13 फरवरी 2020 को अंतिम सांस ली।
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