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संभावित ब्लैक फंगस का मिला मरीज, निजी अस्पताल में इलाज से नहीं मिली राहत

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संभावित ब्लैक फंगस का मिला मरीज, निजी अस्पताल में इलाज से नहीं मिली राहत
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देवरिया। जनपद में संभावित ब्लैक फंगस का मरीज मिला है। इलाज के लिए बाबा राघव दास मेडिकल कालेज पहुंचने पर इलाज की बात तो दूर उसे भर्ती तक नहीं किया गया। यहां तक की स्ट्रेचर भी नहीं मिला और लौटा दिया गया। रात भर बाहर खुले आसमान नीचे कराहते हुए किसी तरह रात गुजारी। वहां के चिकित्सकों व कर्मचारियों से काफी विनती करने के बाद भी किसी को तरस भी नहीं आई। थक हार कर परिजन मरीज को लेकर घर चले आए और केजीएमयू ले जाने की तैयारी में जुटे हैं।
विकास खंड भलुअनी के खिरसर गांव निवासी लल्लन यादव को अचानक सिर पर बाएं तरह दर्द होने लगा। कान के पास सूजन और उसी तरफ नाक में भी दर्द होने लगा। असहनीय दर्द से लल्लन परेशान हो गए। इसके बाद परिजनों बृहस्पतिवार को उन्हें शहर के सलेमपुर रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सक ने दवा दी तो दर्द आराम हुआ। डॉक्टर अगले दिन डिस्चार्ज कर दिए। घर पहुंचने के बाद रात में फिर दर्द शुरू हुआ और बुखार हो गया। लल्लन के रिश्तेदार लाला फुलवरिया गांव निवासी हरिकेश यादव ने बताया कि चिकित्सक से बात करने पर उन्होंने दवा बताई। दवा खाने के बाद बुखार कम हुआ, लेकिन दर्द बना रहा। परिजन शनिवार को उन्हें लेकर गोरखपुर स्थित निजी चिकित्सक अविचित सरकारी को दिखाए। उन्होंने जांच की और एमआरआई कराई, जिसकी रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद चिकित्सक ब्लैक फंगस होने की बात करते हुए मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिए।
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हरिकेश ने बताया कि शाम को मरीज को लेकर मेडिकल कालेज पहुंचा, जहां कोई सुनने को तैयार नहीं था। रात आठ बजे तक पर्ची नहीं बनी। कर्मचारियों ने आठ नंबर वार्ड में भेजा वहां से 12 नंबर में लेकर पहुंचे, जहां एक नेत्र रोग विशेषज्ञ ने जांच के बाद ब्लैक फंगस न होने की बात कहते हुए 14 नंबर भेजा। इसके बाद पर्ची बनी, लेकिन कर्मचारियों ने एडमिट नहीं किया। इसके बाद बाहर खुले आसमान के नीचे किसी तरह रात गुजारी और लल्लन जमीन पर दर्द से तड़पते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान स्ट्रेचर मांग पर कर्मचारी देने से मना कर दिए और उलझ गए। रविवार को सुबह भी कोई सुनवाई न होने पर एक नर्सिंग होम लेकर पहुंचे तो डॉ. ने रिपोर्ट देेखने के बाद केजीएमयू लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। थक-हारकर परिजन मायूस होकर लल्लन को लेकर घर पहुंचे। इस दौरान बरहज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकें सपा नेता पीडी तिवारी ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य, डीएम, कमिश्नर को न केवल फोन किया, बल्कि सीएम से लेकर सभी अधिकारियों को ट्विट किया लेकिन पूरा प्रयास बेकार रहा। पीडी तिवारी का कहना है कि मरीज ऐसे ही बिना इलाज के मरने को विवश है।
बेड खाली होने के बाद भी नहीं किया भर्ती
हरिकेश का आरोप है कि मेडिकल कालेज में पर्ची बनवाने के बाद भर्ती करने के लिए कहा गया, लेकिन कर्मचारियों ने मना कर दिया। काफी मिन्नत करने के बाद भी वह तैयार नहीं हुए, जबकि वार्ड में बेड खाली पड़े थे।
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इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। जिस चिकित्सक ने इलाज किया है उनसे बात कर बीमारी के बारे में जानकारी की जाएगी। जिला अस्पताल में आने पर जांच कर मरीज के इलाज की सुविधा है। -डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ
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