भाटपार रानी। पिछले दिनों क्षेत्र में आए चक्रवात और तूफानी वर्षा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। लेकिन अभी तक तहसील से कोई राजस्व कर्मी इसकी पड़ताल करने नहीं आया है।
तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बसे गांवों और वहां बोई गई खरीफ की फसलों को चक्रवात और आई तूफानी वर्ष से काफी नुकसान पहुंचा है। इससे सबसे ज्यादा धान, मक्का, केला, तिल तथा जाड़े की बाई गई सब्जियों गोभी, टमाटर,बैगन आदि को नुकसान पहुंचा है। ज्यादा बरसात होने से सब्जियों के पौधे गल चुके हैं। उन्हें फिर से बुवाई करनी पडेगी।
मायापुर के किसान मनोज शर्मा ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ केले की खेती की है। केले की फसल गिर जाने से 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। अभी तक जांच पड़ताल करने कोई राजस्व कर्मी नहीं आया है, मुआवजा मिलने की बात तो दूर की है।
ग्राम धर्मखोरकरण के किसान सुधीर सिंह ने बताया कि उनके तथा अन्य की ताल में स्थित खेतों में धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। फसले गिर गई है। मुआवजा मिलने की आशा नहीं के बराबर है।
इस संबंध में तहसीलदार सुशील तिवारी ने बताया कि फसलों की हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है।