प्रधानाचार्य और उनके भाई के हत्यारोपी काउंटर किलर ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। लेकिन उसे जमानत नहीं मिली और कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। वहीं, फरार चल रहे अन्य हत्यारोपियों और साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है।
बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव निवासी रामजीत सिंह स्वामी देवानंद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य थे। बलिया निवासी उनकी पत्नी राजश्री सिंह से अलगाव का विवाद पहले से चल रहा था और कॉलेज पर भी प्रधानाचार्य से विवाद गहरा गया।
बीते 19 नवंबर को प्रधानाचार्य रामजीत सिंह और उनके बड़े भाई बिजयबहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की वजह प्रापर्टी का लालच बताया गया।
साजिश रचने वालों में पत्नी राजश्री और उसके करीबी कृष्णकांत उपाध्याय उर्फ कप्तान समेत कई लोग हैं। इन लोगों ने दो शूटरों को सुपारी दी थी। पुलिस ने सिवान के पचबेनिया निवासी शूटर सचितानंद पांडेय और पत्नी राजश्री के करीबी कृष्णकांत उपाध्याय को चार दिन पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
फरार चल रहे बनकटा के रामपुर बुजुर्ग के काउंटर किलर प्रभाकर मिश्र की तलाश में जुटी थी। पुलिस के दबाव को देखते हुए प्रभाकर ने बृहस्पतिवार को देवरिया सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
पुलिस बनकटा के जंजरिया गांव निवासी शूटर अजीत सिंह उर्फ जड़ी, प्रधानाचार्य की पत्नी राजश्री सिंह, साले अरुण सिंह, कॉलेज के शिक्षक गजेंद्र चौबे की तलाश कर रही है। इस बाबत एसओ विकास यादव ने बताया कि काउंटर किलर प्रभाकर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।