देसही देवरिया। सुभाष सिंह हत्याकांड में पकड़े गए दो सगे भाइयों में से छोटे भाई मुख्य आरोपी अजय सिंह को पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई के बाद नौवें दिन कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया। आरोपी का बड़े भाई संजीव को अभी थाने पर ही बैठाया गया है, जबकि तीसरा आरोपी राजाराम अभी फरार है।
उधर, पुलिस की लापरवाही से क्षुब्ध पीड़ित परिवार सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। लेकिन, खिचड़ी मेले की व्यस्तता की वजह से नहीं मिल सका। सुभाष के भाई धर्मेंद्र का कहना है कि भाई के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए वह आखिरी सांस तक पीछे नहीं हटेंगे। उनके समर्थन में अब गांव के लोग भी लगातार मुखर हो रहे हैं। गांव के लोगों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। गौरीबाजार क्षेत्र के धनौती गांव के सुभाष सिंह (45) की छह जनवरी की रात नौ बजे के करीब घर लौटते समय गांव में आरोपियों ने पीटकर कर हत्या कर दी थी। सुभाष के छोटे भाई धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के दूसरे ही दिन मामले में पूर्व प्रधान राजाराम सिंह और उसके दो बेटों अजय और संजीव सिंह पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। उसी दिन शाम को हत्यारोपी संजीव को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि उसके छोटे भाई और मुख्य आरोपी अजय को पुलिस ने तीसरे दिन दबोच लिया। तीसरा आरोपी राजाराम अभी भी फरार है।
दोनों आरोपियों को आठ दिन लगातार थाने में बैठाए जाने के बाद नौवें दिन मंगलवार को मुख्य आरोपी अजय सिंह को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया ,जहां से जेल भेज दिया गया। अजय के बड़े भाई संजीव को पुलिस जेल नहीं भेजी। अभी भी उसे थाने पर ही बैठाया गया है। इससे पीड़ित परिवार के इस आरोप को बल मिल रहा है कि पुलिस मामले में हत्या का केस दर्ज करने के बाद भी अल्पीकरण करने में लगी हुई है।
सवाल खड़ा हो रहा है कि संजीव को आखिर जेल क्यों नहीं भेजा गया। वहीं तीसरे आरोपी का न पकड़ा जाना भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इस संबंध में गौरीबाजार के एसओ दिनेश मिश्र ने बताया कि पकड़े गए दो आरोपियों में से अजय सिंह को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। उसका बड़ा भाई संजीव हिरासत में है। तीसरा आरोपी राजाराम अभी पकड़ा नहीं जा सका है।
गांव के लोग पीड़ित परिवार के साथ हो रहे मुखर : सुभाष की पीटकर हुई हत्या को गांव के लोग साजिश मान रहे हैं। आरोप है कि पुलिस पूछताछ में पकड़े गए दोनों भाइयों ने क्या राज उगला, पुलिस उसे भी नहीं बता रही। आरोपी पीड़ित परिवार पर सुलह के लिए दबाव डलवा रहा है। नहीं मानने पर धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में पूरा गांव खुलकर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। पुलिस न्याय नहीं करेगी तो इसकी लड़ाई अब मजबूती से मिलकर लड़ी जाएगी। लोगों का यह भी आरोप है पुलिस हत्या की वारदात को पहले दिन से ही गंभीरता से नहीं ले रही है। पूर्व प्रधान राजाराम को जान बूझकर पकड़ा नहीं जा रहा है। इससे लोगों का पुलिस के ऊपर से विश्वास उठ रहा है।