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पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत

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रामपुर कारखाना के इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय करमहां में स्कूल पहुंचे बच्चो को माल पहनाकर - फोटो : DEORIA
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पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर हुआ बच्चों का स्वागत
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प्राथमिक स्कूलों एवं कक्षाओं को गुब्बारों से सजाया गया, स्वागत से अभिभूत दिखे छात्र
मॉस्क लगवाने एवं सैनिटाइज करने के बाद ही कक्षाओं में दिया गया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पिछले साल मार्च माह से कोरोना के चलते बंद चल रहे जिले के कक्षा एक से पांचवीं तक के सरकारी और निजी स्कूल सोमवार को पुन: खुल गए। एक साल बाद स्कूल पहुंचने पर बच्चों को स्कूल का वातावरण बिल्कुल बदला सा लगा। शिक्षकों ने फूल वर्षा कर, तिलक लगाकर, कुछ जगहों पर चॉकलेट देकर उनका कक्षा में प्रवेश करने के पूर्व स्वागत किया। कक्षा के कमरे को कई जगहों पर गुब्बारों से सजाया गया था। बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक भी नई परिस्थितियों में इस नई व्यवस्था से खुश दिखे। हालांकि, छात्रों की संख्या पहले दिन लगभग 40 प्रतिशत ही रही।
कोरोना संक्रमण के चलते आई नई गाइडलाइन के अनुसार सोमवार को कक्षा एक और पांचवीं के छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। बहुत दिनों बाद स्कूल खुलने के उत्साह में निर्धारित कक्षाओं के बच्चों के अलावा अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे भी स्कूल पहुंच गए। कुछ जगहों पर इन्हें लौटा दिया गया तो कुछ जगहों पर इन्हें भी कक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। हालांकि, बीमारी के भय से अब भी अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को भेजने में सकुचा रहे हैं। सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय दानोपुर में कक्षा एक में 10 व पांचवीं में आठ छात्र आए। प्रधानाध्यापक गायत्री देवी ने बताया कि सुबह में शिक्षक दिनेश सिंह, नीलम मौर्या, शिक्षामित्र अल्पना मिश्र व पिंकी राय ने तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया। मध्याह्न भोजन में उन्हें चावल व सब्जी दिया गया। स्वामी विवेकानंद संविलयन विद्यालय राघवनगर में दोनों कक्षाओं में केवल 12 छात्र ही आए, जबकि कक्षा एक में नामांकन 15 एवं पांचवीं में 23 छात्रों का है। प्रधानाध्यापक कालिंदी वर्मा ने बताया कि एमडीएम में छात्रों को रोटी, दालयुक्त सब्जी व फल दिया गया। प्राथमिक विद्यालय कतरारी नंबर एक में दोनों कक्षाओं में 30 छात्र आए। प्रधानाध्यापक डॉ. रीमा सिंह ने बताया कि एमडीएम में छात्रों को पूड़ी-सब्जी व सोमवार के मैन्यू में शामिल फल में केला दिया गया। स्कूल में दोनों कक्षा-कक्षों को गुब्बारों से सजाया गया था। प्राथमिक विद्यालय सरौरा नंबर एक में कक्षा एक के छात्र अंश व सान्हवी ने बताया कि स्कूल आकर उन्हें बहुत ही अच्छा लगा। घर पर भी पढ़ाई करते थे, लेकिन एक साल बाद स्कूल आकर पढ़ना बेहतर लगा। यहां के प्रधानाध्यापक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि एमडीएम में बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार एवं शासनादेश के अनुसार पूड़ी सब्जी खिलाया गया। बच्चों को मॉस्क एवं सैनिटाइजर लगाने के बाद ही प्रवेश दिया गया।
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अभिभावक नए सत्र से ही नामांकन कराने के पक्ष में दिख रहे
जिले के अधिकांश अभिभावक अप्रैल में शुरू हो रहे नए सत्र से ही बच्चों का नामांकन कराने की सोच रहे हैं। उनका मानना है कि पूरे 11 माह की पढ़ाई कोरोना के चलते बाधित हो चुकी है। ऐसे में केवल एक माह के लिए स्कूल भेजना उचित नहीं है। देवरिया खास की प्रिया गुप्ता कहती हैं कि अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है, एक साल वैसे ही खराब हो चुका है। अब नए सत्र में ही पाल्यों का नामांकन कराएंगे। टीचर कॉलोनी सलेमपुर के विनोद गुप्ता बताते हैं कि नए सत्र से प्रवेश में अभिभावकों के ऊपर बकाया फीस भी बचेगी।
कई निजी स्कूल वाले मांग रहे पूरे साल की फीस
निजी स्कूल प्रबंधक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के नाम पर अभिभावकों से पूरे साल की फीस मांग रहे हैं। शहर के कई नामी स्कूल वाले अभिभावकों को बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं। उधर, अभिभावक चाहते हैं कि कोरोना के चलते पूरे 11 माह तक स्कूल बंद रहे हैं। ऐसे में जब बच्चों की पढ़ाई शुरू हो रही हो, उसी माह की फीस ली जाए। बच्चे का साल न खराब हो जाए, ऐसे में अधिकांश अभिभावक मजबूर होकर पूरे साल की फीस देने को राजी भी दिख रहे हैं।
...फोटो समाचार
प्राथमिक विद्यालय खुले, रौनक बढ़ी
भाटपाररानी। क्षेत्र के कुल 112 प्राथमिक परिषदीय विद्यालय सोमवार को खुल गए। विद्यालयों में शिक्षक समय से पहले ही पहुंचकर परिसर को गुब्बारे से सजा संवार कर बच्चों के आने पर उनका स्वागत किए। उन्हें मॉस्क वितरित किया तथा कक्षा में ले जाकर बैठाया। इससे बच्चे काफी उत्साहित थे। क्षेत्र के आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़का गांव, बनकटा शंभू ,जोगउर, बिशनपुरा, बेलपार, खड़ेसर, रघुनाथपुर, धर्मखोर करण, कुकुरघांटी आदि विद्यालयों ने शिक्षकों ने बड़े उत्साह संग करीब एक साल बाद आए बच्चों का स्वागत किया। अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय कोड़रा में भी छात्रों की उपस्थिति रही। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों के स्कूल बंद होने से वे काफी चिंतित थे। विद्यालय खुल जाने पर उन्होंने राहत की सांस ली है।
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...फोटो समाचार
स्कूल पहुंचे पहली और पांचवीं के बच्चे
रामपुर कारखाना। उत्सव भरे माहौल में विकास खंड के सभी प्राथमिक विद्यालयों पर पहली और पांचवीं के बच्चे अपने स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय इंग्लिश मीडियम करमहां के प्रधानाध्यापक मोहम्मद यासिर, सहायक अध्यापक अहमद रजा, शिक्षामित्र रामा सिद्दीकी और सुनीता देवी और प्रशिक्षु उमा यादव, अंजनी, प्रतिज्ञा एवं अंजलि ने खुद ही विद्यालय परिसर को गुब्बारों से सजाया। अभिभावकों के साथ विद्यालय पर नामांकित 72 में से 52 बच्चे स्कूल पहुंचे। अध्यापकों ने सबको माला पहनाकर स्वागत किया। इस तरह प्राथमिक विद्यालय बरईपुर लाला, रामपुर कारखाना, भगवानपुर तिवारी, बैकुंठपुर, कन्या प्राथमिक रामपुर कारखाना, रघवापुर आदि विद्यालयों को भी शिक्षकों ने सजाया। बीईओ डीएन चंद ने एक दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण किया। पथरदेवा विकासखंड के आदर्श प्राथमिक विद्यालय कोटवा मिश्र में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं से फीता कटवाया। प्रधानाध्यापक मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बच्चों का स्वागत किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय धुसवा को शिक्षकों ने कक्ष और परिसर को गुब्बारों से सजाया। प्रधानाध्यापक पुष्पा विश्वकर्मा, सहायक अध्यापक देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य शिक्षकों ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया।
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