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यूक्रेन में फंसे विद्यार्थी ने भेजा वीडियो, कहा-गोला-बारूद से नहीं, भूख-प्यास से मर जाएंगे

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यूक्रेन में फंसे विद्यार्थी ने भेजा वीडियो, कहा-गोला-बारूद से नहीं, भूख-प्यास से मर जाएंगे
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देवरिया। ‘पापा-मम्मी हम लोगों के पास अब राशन समाप्त हो चुका है, लगता है कि गोला- बारूद, मिसाइल से नहीं, बल्कि भूख-प्यास से जान चली जाएगी।’ ‘यहां कोई सुनने वाला नहीं है, हर तरफ तबाही का मंजर है, रात-दिन बंकर में रहकर गुजार रहे है।’ यह दर्द यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गए छात्र जफर नसीम का है। वहां के हालात के चलते फंसे इस छात्र ने वीडियो बनाकर परिजनों को भेजा है। उसके ये दर्द भरे शब्द इसी वीडियो में हैं।
सदर कोतवाली के परसिया उर्फ खरजरवा निवासी नसीम अहमद ने इकलौते बेटे जफर नसीम अंसारी को डॉक्टर बनाने के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए आठ दिसंबर को यूक्रेन की राजधानी कीव भेजे थे। इस समय वहां तबाही के मंजर की तस्वीरें विभिन्न माध्यमों से देखकर जफर नसीम के परिजन सहमे हैं। युद्ध के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में जनपद के भी कई छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। वे वीडियो बनाकर सरकार और परिजनों को भेजकर मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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जनपद निवासी जफर नसीम सहित कई विद्यार्थी वहां से जुड़े वीडियो भेज चुके हैं। वे परिजनों से कह रहे हैं कि राशन भी खत्म हो गया है। जफर के पिता नसीम अहमद ने बताया कि वह ट्रक खरीदकर माल गोदाम से सामान की ढुलाई करते हैं। उससे होने वाली आय से पूरे परिवार का भरण-पोषण और बेटे, दो बेटियों की पढ़ाई पर खर्च वहन करते हैं। इकलौते पुत्र के यूक्रेन में फंसे होने के कारण मां नजरूम निशा, बहन उजमा, रमीसा का हाल-बेहाल है। पिता ने बताया कि जिले के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। रात में बेटे ने वीडियो काल कर वहां की खौफनाक तस्वीर दिखाई। हम सभी को पूरी रात नींद नहीं आई।
विद्यार्थियों का दर्द सुनकर परिजन सहमे
देवरिया। यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के परिजन उनकी सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। विद्यार्थियों की सकुशल घर वापसी के लिए राह देख रहे हैं। कुछ विद्यार्थी अपने देश के लिए रवाना भी हो चुके हैं। मदनुपर थाना क्षेत्र के केवटलिया गांव निवासी परमार्थ सिंह की बेटी श्वेता सिंह एमबीबीएस चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा हैं। बेटी का हाल सुनकर परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। बरहज कस्बे के पटेल नगर निवासी ऋषि कुमार ने परिजनों को बताया कि वह रोमानिया बार्डर पर पहुंचने वाले हैं। यहां से अनुमति मिलने के बाद स्वदेश आना संभव होगा। इसी तरह रुद्रपुर कस्बे के सत्यम गुप्ता और कोइलगढ़हवा निवासी परशुराम मौर्य, मधवापुर निवासी जफर, सरौरा निवासी शक्ति रमन सिंह सहित जनपद कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इसी तरह रामपुर कारखना थाना क्षेत्र के दो अन्य छात्र भी यूक्रेन से स्वदेश आने की राह निहार रहे हैं।
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इन नंबरों दे सकते हैं सूचना
देवरिया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नागेंद्र सिंह ने बताया कि यूक्रेन की स्थित को देखते हुए वहां से आने और जाने के लिए सभी कामर्शियल फ्लाइट एवं एयर स्पेस बंद है। भारतीय दूतावास, कीव, यूक्रेन में मौजूद सभी विद्यार्थियों व अन्य लोगों को संभावित मदद पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास, कीव, यूक्रेन की ओर से हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। हेल्प नंबर +38 0997300483, +380997300428, +380933980327, +380635917881, +380935046170 और वेबसाइट https://www.eoiukraine.gov.in/index.php°ß¢ www.indianembassywarsaw.gov.in है। जबकि विदेश मंत्रालय का हेल्पलाइन नम्बर +911123012113, +911123014104, +911123017905 व कंट्रोल रूम का नंबर 1800118797 है। राज्य कंट्रोल रूम का हेल्प लाइन नंबर 0522-1070, मोबाइल नंबर- 9454441081 है। जो भी यूक्रेन में फंसे हैं, उनके परिजन उनकी सूचना (निर्धारित प्रारूप पर) फोन 05568-222505 पर नोट करा सकते हैं। अथवा ddmadeoria@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं।
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