देवरिया। छात्र नेताओं ने संत विनोबा पीजी के प्राचार्य पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। छात्रों के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
छात्र नेताओं ने कहा कि संत विनोबा पीजी काॅलेज में विधि नामांकन में गड़बड़ी की जानकारी पर एक छात्रसंघ का प्रतिनिधिमंडल काॅलेज पहुंचकर नामांकन की जांच की मांग की थी। इस दौरान प्राचार्य ने अभद्र व्यवहार करते हुए मांग खारिज कर दी। इसके बाद डीएम से मिलकर गड़बड़ी की जांच की मांग की।
डीएम के पत्र पर कुलसचिव ने प्रबंधक को जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया। छात्र नेताओं का कहना है कि जांच में नामांकन प्रक्रिया में धांधली और आरक्षण नियमों का उल्लंघन के लिए प्राचार्य दोषी मिले। प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ एक छात्रा ने पुस्तकालय, पानी, सफाई की मांग की। इस पर प्राचार्य ने धमकाते हुए भगा दिया।
साथ ही विविध प्रकार की समस्याओं को लेकर अन्य छात्रों ने प्राचार्य से शिकायत किया। सभी मामलों में प्राचार्य की धमकी का शिकार छात्रों को होना पड़ा। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य ने मजबूरी बताते हुए फ्रेशर पार्टी की अनुमति देने से इंकार कर दिया। बाद में प्राचार्य ने छात्रों पर फ्रेशर पार्टी में शामिल छात्रों को नोटिस जारी कर दिया।
इसके बावजूद छात्रों ने विद्यालय की अव्यवस्थाओं के संदर्भ में महाविद्यालय पहुंचे सीडीओ से शिकायत की। तब प्राचार्य ने सीडीओ से शिकायतें दूर करने का आश्वासन दिया। प्राचार्य से मिलने गए छात्र नेताओें के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के खिलाफ धमकी देने का झूठा केस दर्ज करा दिया।
छात्र नेताओं ने एसपी को पत्र देकर दर्ज केस की महाविद्यालय के सीसीटीवी कैमरे के रिकार्ड की जांच करने की मांग की है, जिससे प्राचार्य के झूठ का पर्दाफाश हो सके। प्रतिनिधि मंडल में आनंद श्रीवास्तव सोनू, बालमुकुंद मिश्र, निभर्य शाही आदि शामिल रहे।