देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज की पानी की टंकी में मिले अशोक गावंडे के शव मामले में खुलासे के लिए लगातार हाथ पांव मार रही पुलिस मेडिकल काॅलेज के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
बुधवार को भी पुलिस ने कोतवाली बुलाकर मेडिकल काॅलेज के करीब 10 कर्मचारियों से पूछताछ की थी। कर्मचारियों का आरोप है कि पूछताछ के चलते एक स्टॉफ नर्स की तबीयत बिगड़ गई, जिसका मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में इलाज हुआ।
वहीं बृहस्पतिवार को इन कर्मचारियों ने मेडिकल काॅलेज पहुंचकर सीएमएस और प्राचार्य से पूछताछ के दौरान पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की और सुरक्षा की मांग की।
मेडिकल काॅलेज में महाराष्ट्र के अशोक गावंडे का शव छह अक्तूबर को ओपीडी बिल्डिंग की पानी की टंकी में मिला था। उसके साले प्रफुल्ल और उसकी पत्नी ने मेडिकल काॅलेज की मोर्चरी में पहुंचकर शव की पहचान की थी। अशोक का अंतिम संस्कार पत्नी और साले ने गोरखपुर में किया। अशोक का शव मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में कैसे पहुंचा इसकी जांच के लिए गोरखपुर से लेकर मुंबई तक पड़ताल हो रही है।
पुलिस के शक की सुई अब मेडिकल काॅलेज के कर्मचारियों पर जा रही है। इसके लिए पुलिस ने कई चरणों में मेडिकल काॅलेज के कर्मचारियों से पूछताछ किया है। इस मामले में बुधवार को भी करीब 10 स्टॉफ नर्स और कर्मचारियों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान उन्हें पीने के लिए पानी तक नहीं दिया गया।
उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लेने की कोशिश की गई। एक स्टॉफ नर्स पूजा का ब्लड प्रेशर कम हो गया। वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। आरोप है कि पूछताछ के बाद पुलिस ने पूजा को कोतवाली में बैठने को कहा। बाकी कर्मचारियों को जाने की अनुमति दे दी, पर अन्य स्टाफ नर्स और कर्मचारी पूजा को लिए बगैर कोतवाली से जाने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने पूजा को जाने दिया।
कर्मचारियों का आरोप है कि दबाव के चलते पूजा मानसिक रूप से परेशान हो गई। उसका मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में इलाज कराना पड़ा। सामान्य होने पर डॉक्टरों ने पूजा को घर जाने की अनुमति दी।