अभी तक नहीं खरीदी गई खेल सामग्री
परिषदीय विद्यालयों में सात माह पहले भेज दिया था धन
किसी प्रधानाध्यापक ने नहीं दिया उपभोग प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिषदीय स्कूलों में खेलों की दशा सुधारने के लिए शासन की पहल पर जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ रही है। पिछले साल ही खेल सामग्री की खरीदारी के लिए प्राथमिक स्तर पर पांच हजार व जूनियर के विद्यालय को 10 हजार रुपये की धनराशि इनके खाते में भेजी गई थी। लेकिन अधिकांश विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखाई।
समग्र शिक्षा अभियान में खेलो इंडिया सत्र 2019-20 के अंतर्गत परिषदीय स्कूलों में खेलकूद को माहौल बनाने एवं इसे बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर से ही गंभीर प्रयास शुरू किए गए थे। कक्षा एक से आठवीं तक के प्रत्येक छात्र को उसकी रुचि के खेल से जोड़ने के लिए पिछले साल दिसंबर माह में ही खेलकूद सामग्री खरीदने के लिए कुल 1.67 करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। जिले के 1877 प्राथमिक व 738 जूनियर विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए प्रत्येक को पांच व 10 हजार रुपये की धनराशि स्कूूल प्रबंध समिति के खाते में भेजी गई थी। अधिकांश विद्यालयों के खाते से इस धन की निकासी किए जाने की शिकायतें विभाग को मिली हैं। खास बात तो यह है कि अभी तक किसी भी विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने जिम्मेदारों को उपभोग प्रमाण पत्र तक नहीं उपलब्ध कराया है। विभागीय लोगों की ही मानें तो विद्यालयों में खेल सामग्री व अन्य उपकरण बिना खरीदे ही इस मद में भेजे गए धन की निकासी कर ली गई है।
प्राथमिक के लिए प्रस्तावित खेल सामग्री
रबर डिस्कस, रबर शार्टपुट, वूडेन विकेट, वूडेन बैट, प्लास्टिक बॉल, विकेट स्टैंड प्लास्टिक पीवीसी, प्लास्टिक विकेट, फिस्बी, शटल कॉक, चेस स्टैंप, फुटबॉल पंप, लूडो स्टैंप, चेस व लूडो के मल्टीपल बोर्ड, बास्केटबॉल, टेनिस बॉल, स्पीकिंग रोप, प्लास्टिक ब्लॉक, तीन नंबर का फुटबॉल, मैजिक बॉक्स, पजल पैक, स्माइल बॉल, पीवीसी बॉल, एबीसी बोर्ड टू इन वन मैग्नेटिक, किट बैग, होला हूप्स, बैडमिंटन, डंबल।
जूनियर स्तर पर ये खेल सामग्री खरीदी जानी है
रबर डिस्कस, रबर शार्टपुट, शटल कॉक, फिसबी, नेट, वूडेन बैट, चेस स्टैंप ब्लैक एंड वाइट, लूडो स्टैंप, लॉडर, फुटबॉल पंप, मार्किंग कोन, टेनिस बॉल, चेस व लूडो मल्टी बोर्ड, शॉकर कोन, हैंडबॉल, ग्राउंड मीटर, स्टॉप वाच, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, थ्रो बॉल, लॉजियम, बास्केटबॉल, किट बैग, स्पीकिंग रोप, डंबल, वूडेन विकेट सेट, विप्स, फुटबॉल।
कोट
प्रधानाध्यापकों से खेल सामग्री क्रय करने का उपभोग प्रमाण पत्र मांगा गया है। लॉकडाउन की वजह से इसमें थोड़ी देरी हुई है। स्कूल खुलने के बाद निरीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता मिली तो इसके लिए सीधे प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे।
-स्वप्नेश मंगलम, जिला समन्वयक प्रशिक्षण।