देवरिया। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी 75 वर्षीय संपत प्रसाद को बेटों से अलग होने के बाद बेटियों ने सहारा दिया।
तबीयत खराब होने और इलाज में आर्थिक परेशानी आने पर वह बुधवार को अपनी समस्या लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
डीएम मधुसूदन हुल्गी ने उनकी बात सुनी और आयुष्मान टीम को बुलाकर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू कराई।
संपत ने बताया कि उन्होंने जीवनभर ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण किया। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने परिवार में रहते हैं। संपत के अनुसार, कुछ दिन पहले बेटों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया।
इसके बाद वह बेटी के घर चले गए। बेटियों ने पिता को सहारा दिया और उनकी देखभाल शुरू की। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने से उपचार कराने में भी दिक्कत आ रही थी।