रामपुर कारखाना। ग्राम पंचायत हरपुर के पास छोटी गंडक नदी से एक बार फिर मिट्टी का खनन शुरू होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। यह गांव पहले से ही बाढ़ और कटान की दृष्टि से डेंजर जोन में चिह्नित है। करीब पांच वर्ष पहले कटान रोकने के लिए नदी के किनारे बांध बनाया गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व भी गांव में खनन कार्य चल रहा था। विरोध में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद नायब तहसीलदार गंगाराम के आश्वासन पर कार्य रोक दिया गया था। हालांकि दो दिन तक काम बंद रहने के बाद मंगलवार शाम से बाईपास निर्माण के नाम पर पोकलेन मशीनें लगाकर पुनः प्रतिदिन 100 डंपर से अधिक मिट्टी और बालू निकाली जाने लगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले ही 30 से अधिक परिवार नदी के कटान से तबाह हो चुके हैं। जिन परिवारों के आशियाने उजड़े वे गांव के अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप मकान बनवाकर या झोपड़ी डालकर रहने को मजबूर हैं। ऐसे में दोबारा खनन शुरू होने से कटान की रफ्तार तेज होने और आगामी बाढ़ में गांव के बड़े हिस्से के डूबने की आशंका व्यक्त की जा रही है। यह भी आरोप लगाया गया कि ठेकेदार पुलिस बल के साथ पहुंचकर खनन कार्य करा रहे हैं और विरोध करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। इससे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल खनन पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में नायब तहसीलदार गंगाराम ने बताया कि दोबारा खनन शुरू होने की जानकारी उन्हें नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।