देवरिया। आग बुझाने में अग्नि शमन विभाग मात खा जाता है और लोगों की पसीने की कमाई आंखों के सामने जलकर राख हो जाती है। इसकी वजह जर्जर संसाधन और कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। आगलगी की घटना से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। ऐसे में गर्मी के मौसम में आग लगने पर कुंआ खोदने का काम अफसर करेंगे।
गर्मी के मौसम में आगलगी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे निपटने की जिम्मेदारी अग्नि शमन विभाग के सिर पर रहती है। लेकिन जर्जर संधाधनों के बीच आगलगी की घटना पर काबू पाना मुश्किल है। ऐसे में आग लगने पर तबाही मचती तय है। इससे निपटने के लिए अग्नि शमन विभाग के पास तीन 200 लीटर पानी वाला वाहन और तीन पंप वाली छोटी पिकअप है। 1 मार्च से सभी तहसील मुख्यालयों पर अस्थायी तौर पर फायर ब्रिगेड स्टेशन बनाया जाता है और एक-एक फायर ब्रिगेड का वाहन रहता है। लेकिन दूरी अधिक और कम क्षमता वाली फायर ब्रिगेड के वाहनों की वजह से अधिकांश स्थानों पर आग बुझने के बाद गाड़िया पहुंचती हैं।
ऐसे में कर्मचारियों को कहीं-कहीं लोगों के गुस्से का शिकार भी होना पड़ता है। विभागीय अव्यवस्था का दंश कई सालों से अग्निशन विभाग झेल रहा है। लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। इसके चलते प्रत्येक साल आगलगी की घटनाओं में लाखों का नुकसान होता है। अग्निशमन विभाग के सीएफओ शंकर शरण राय ने बताया कि होली त्योहार के बाद तहसील मुख्यालयों पर फायर ब्रिगेड के वाहन पहुंच जाएंगे। कर्मचारियों और संसाधनों की कमी की वजह से आग बुझाने में दिक्कतें होगी। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।