देवरिया। दूसरे जिलों के चार बड़े पशु तस्कर गिरोहों के सरगना आजमगढ़ निवासी अब्दुल्लाह, बंटी राजभर, अंबेडकर नगर के अनुराग और जौनपुर का अरशद देवरिया पुलिस के लिए अब भी चुनौती बने हुए हैं। सलेमपुर थाने में इन चारों पर प्राथमिकी दर्ज है। चर्चा है कि ये तस्कर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपने गुर्गाें के जरिए तस्करी करा रहे हैं।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आजमगढ़ निवासी अब्दुल्लाह, बंटी राजभर, अंबेडकर नगर का अनुराग और जौनपुर का अरशद जिले में सक्रिय चार बड़े पशु तस्कर गिरोहों के सरगना हैं। इन चारों के खिलाफ सलेमपुर थाने में पशु क्रूरता अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है।
इसके बावजूद अब तक पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इन चारों के खिलाफ डीएम ने पांच दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। अगले दिन स्वयं एसओ सलेमपुर ने तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
बताया जाता है कि ये सरगना लंबे समय से सीमावर्ती जिलों के रास्ते गोवंशों की तस्करी कराते रहे हैं। इनके गिरोह में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कई छोटे तस्कर और वाहन चालक शामिल हैं, जो गोवंशों को एक जिले से दूसरे जिले और फिर सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाते हैं। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बार गोवंशों से लदे वाहन पकड़े और पशु तस्करों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन पूछताछ के बावजूद सरगना तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक इन गिरोहों का नेटवर्क काफी मजबूत है।
तस्करी के रूट, सुरक्षित ठिकाने और मुखबिर तंत्र पहले से तय रहता है। यही वजह है कि पुलिस की घेराबंदी और दबिश की सूचना पहले ही गिरोह तक पहुंच जाती है और सरगना मौके से फरार हो जाते हैं। कई बार पुलिस टीम जब तक दूसरे जिले में दबिश देने पहुंचती है, तब तक तस्कर अपना ठिकाना बदल चुके होते हैं।
इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि सरगनाओं की तलाश में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और सर्विलांस के जरिए भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल स्थिति यह है कि चारों कुख्यात पशु तस्कर सरगना फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।