देवरिया। पशु और शराब तस्करी को लेकर एसपी बाॅर्डर के कई थानेदारों पर कार्रवाई कर चुके है। एसपी की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में सक्रियता तो बढ़ गई, लगातार तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। बावजूद तस्करी रुक नहीं पा रही है। बाॅर्डर की सुरक्षा बढ़ता देख तस्कर अपना रुख बदलकर पगडंडियों को सहारा बना लिया। हालांकि पुलिस इसपर भी काम शुरू कर दी है। बिहार पुलिस से मिलकर पगडंडियों पर पहरा बढ़ा दी है।
यूपी-बिहार की बाॅर्डर पर स्थित बरियारपुर थाना क्षेत्र में पगडंडियों के रास्ते शराब तस्करी बढ़ने की आशंका के बाद पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिनभर अज्ञात युवक बरियारपुर और आसपास के गांवों में घूमते दिखाई देते हैं, जबकि शाम होते ही यही लोग गांवों के सुनसान रास्तों का सहारा लेकर शराब की खेप बिहार में पहुंचाते हैं। हालांकि इन दिनों एसपी के सख्त तेवर के चलते शराब तस्कर और पशु तस्करों में हड़कंप मच गया है। जिले के अधिकांश तस्कर भूमिगत हो गए है। ऐसे में पुलिस उनके शागिर्दों की तलाश शुरू कर दिया है।
पशु तस्करी और शराब तस्करी रोकने में नाकाम साबित होने पर शासन ने देवरिया व कुशीनगर एसपी को हटाया था। इसके बाद दोनों जिलों में आये नए एसपी ने तस्करी जुड़े अपराधियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में देवरिया एसपी संजीव सुमन जिले के बिहार सीमा से सटे थानों की खुद मॉनिटरिंग कर रहे है। साथ ही उनके निर्देशन में ऐसे तस्करों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। मुख्य मार्ग पर पुलिस की चौकसी देख तस्करों ने गांव के सुनसान रास्तों को अपना हथियार बनाया है। सूत्रों के मुताबिक तस्कर शराब की बोतलें लेकर सीमा पार कर बिजयीपुर थाना क्षेत्र में पहुंचाते हैं। सीमाई रास्ते होने और पगडंडियों की अधिकता के कारण इन तस्करों पर निगरानी रखना चुनौतीपूर्ण बन गया है। मामले की जानकारी एसपी तक पहुंचने के बाद उन्होंने बार्डर के थाने जैसे बरियारपुर, श्रीरामपुर, खामपार, बनकटा, लार, भटनी पुलिस को सख्ती बढ़ाने के निर्देश देते हुए पगडंडियों पर नजर रखने को कहा है। स्थानीय पुलिस अब बिहार पुलिस से समन्वय कर कार्रवाई में जुट गई है। जिले की पुलिस बिहार के बिजयीपुर, गुठनी थाना से सहयोग मांगा है और संयुक्त रूप से सीमाई क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।